कच्चे माल के संकट से हांफ रही कॉटन इंडस्ट्री, दूसरे राज्यों पर निर्भर हुआ सूबे का टेक्सटाइल सेक्टर
एक समय पंजाब में सात लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में कपास की खेती होती थी, जिससे राज्य में जिनिंग और स्पिनिंग उद्योग तेजी से विकसित हुआ। लेकिन बीते वर्षों में कपास का रकबा लगातार घटता गया। \\ कच्चे माल की कमी ने पंजाब की कॉटन इंडस्ट्री की रफ्तार थाम




































