गांव छौंक में जैव विविधता दिवस के अवसर पर प्रगणक डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बच्चों को जैव विविधता के महत्व की जानकारी दी। इस दौरान बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और सेवा भावना का संदेश भी दिया गया।
शुक्रवार को सासनी विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि प्रकृति में विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए उनके प्राकृतिक आवासों से छेड़छाड़ कर रहा है, जिससे प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 22 मई को जैव विविधता दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित इस दिवस का मुख्य लक्ष्य लोगों को जैव विविधता के बारे में शिक्षित करना और इसके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। वर्ष 2026 के लिए अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस की थीम वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना रखी गई है। यह थीम जैव विविधता के संरक्षण में जनभागीदारी और व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर जोर देती है। इस अवसर पर बच्चों ने जंगल की सैर नामक एक नाटक का मंचन किया। उन्होंने स्लोगन पट्टिकाओं के साथ विभिन्न जंगली जानवरों के बारे में जानकारी दी, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित हुआ। विमलेश सिंह ने राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव अभ्यारण्य केंद्रों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि जो प्रजातियां पूरी तरह विलुप्त हो चुकी हैं, उन्हें विलुप्त श्रेणी में रखा गया है, जबकि जो प्रजातियां नष्ट होने के कगार पर हैं, उन्हें संकटग्रस्त प्रजातियों की श्रेणी में शामिल किया गया है, जैसे शेर, हाथी और मोर। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने मैसेंजर ऑफ पीस का प्रतीक बनाकर विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण और सेवा भावना का संदेश दिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आयुषी, सोनम, हरीश, बबलू, दीप्ति, रश्मि, अंजली, पूनम, लवकुश, हर्षित, वंश और पूजा सहित कई बच्चों का सराहनीय सहयोग रहा।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS
