उत्तर प्रदेश में शादी के नाम पर धोखे और शोषण का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी नौकरी के लालच में युवक और उसके परिवार ने युवती से विवाह किया, लेकिन सात फेरों के कुछ ही महीनों बाद उसका जीवन नर्क बना दिया। पीड़िता का कहना है कि ससुराल वाले उसकी सैलरी हड़पना चाहते थे और दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।

विवाहिता के अनुसार शादी से पहले लड़के पक्ष ने खुद को सभ्य और पढ़ा–लिखा परिवार बताया था। लेकिन शादी के बाद असली चेहरा सामने आ गया। पति और ससुराल वाले उस पर पूरा वेतन उनके हाथ में देने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर ताने, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का दौर शुरू हो गया। कई बार उसे भूखा तक रखा गया।
पीड़िता ने बताया कि पंचायतों में समझौते की कोशिश हुई, लेकिन ससुराल वालों का रवैया नहीं बदला। आखिरकार उसे घर से निकाल दिया गया। अब विवाहिता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। महिला थाने में पति, सास–ससुर समेत अन्य के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, सबूतों के आधार पर कड़ी कार्रवाई होगी। महिला आयोग ने भी प्रकरण का संज्ञान लिया है। यह घटना समाज में फैल रही उस मानसिकता को उजागर करती है, जहां नौकरीपेशा लड़कियों को रिश्ते नहीं बल्कि कमाई का जरिया समझा जा रहा है।