कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हाल ही में अपने दादा और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के दामाद फिरोज गांधी से जुड़ी एक खास ‘अमानत’ मिली, जिसने उन्हें भावुक कर दिया। यह ऐतिहासिक दस्तावेज और कुछ निजी सामान वर्षों से एक परिवार के पास सुरक्षित थे, जिन्हें अब राहुल गांधी तक पहुंचाया गया। अमानत हाथ में आते ही राहुल ने सबसे पहले अपनी मां सोनिया गांधी को WhatsApp पर इसकी जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक इस अमानत में फिरोज गांधी के कुछ पुराने पत्र, हस्तलिखित नोट्स और संसद से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। कहा जा रहा है कि ये वही कागजात हैं, जिनसे फिरोज गांधी ने 1950 के दशक में कई बड़े भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया था। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यह सामग्री सिर्फ पारिवारिक धरोहर नहीं, बल्कि देश के राजनीतिक इतिहास का अहम हिस्सा है।
राहुल गांधी ने अमानत देखने के बाद इसे बेहद भावुक पल बताया। उन्होंने करीबियों से कहा कि “दादा की विरासत सिर्फ खून का रिश्ता नहीं, बल्कि सच बोलने की हिम्मत है।” सोनिया गांधी ने भी इस पर खुशी जताई और इसे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। कांग्रेस से जुड़े लोग इसे गांधी परिवार की ऐतिहासिक जड़ों से दोबारा जुड़ने के रूप में देख रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। जानकारों का कहना है कि फिरोज गांधी की छवि एक निर्भीक सांसद की थी, जिन्होंने अपनी ही सरकार से तीखे सवाल पूछे। ऐसे में यह अमानत राहुल गांधी के राजनीतिक सफर में नैतिक प्रेरणा का काम कर सकती है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाएगा या नहीं, लेकिन कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इनका अध्ययन कर उचित समय पर देश के सामने रखा जा सकता है। इस घटना ने एक बार फिर गांधी परिवार के ऐतिहासिक अध्याय को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।