Reported By: Shamim Iqbal
बुलंदशहर। अक्सर यह कहा जाता है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो गरीबी और तंगहाली भी कामयाबी का रास्ता नहीं रोक सकती। बुलंदशहर की गायत्री ने इस बात को पूरी तरह सच कर दिखाया है। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली गायत्री ने यूपी पीसीएस (UP PCS) परीक्षा में 210वीं रैंक हासिल कर अधिकारी का पद प्राप्त किया है।


पिता के संघर्ष का फल: गायत्री की इस सफलता के पीछे उनके पिता का वर्षों का कठिन संघर्ष छिपा है। गायत्री के पिता, राजकुमार, पेशे से सड़क किनारे पंचर लगाने का काम करते हैं। उन्होंने दिन-रात मेहनत कर अपनी बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। आज जब बेटी अधिकारी बन गई है, तो न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है।
“काम छोटा या बड़ा नहीं होता”: बेटी की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद जब पिता राजकुमार से पूछा गया कि क्या अब वह अपनी पंचर की दुकान बंद कर देंगे, तो उन्होंने बड़ी सादगी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह अपनी दुकान बिल्कुल बंद नहीं करेंगे। उनका मानना है कि इसी काम ने उन्हें उनकी बेटी को इस मुकाम तक पहुँचाने की ताकत और संसाधन दिए हैं।
मुख्य बिंदु:
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नाम: गायत्री
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स्थान: बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश
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उपलब्धि: यूपी पीसीएस परीक्षा में 210वीं रैंक
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संदेश: मेहनत और ईमानदारी से किया गया कोई भी काम छोटा नहीं होता।