उज्जैन के सरकारी बालगृह से दो नाबालिगों के फरार होने की घटना ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। जानकारी के मुताबिक दोनों बच्चों ने देर रात बाथरूम की ग्रिल तोड़ी और उसी रास्ते से बाहर निकल गए। सुबह गिनती के दौरान जब बच्चे कम मिले तब मामले का खुलासा हुआ। घटना के बाद बालगृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बालगृह प्रबंधन के अनुसार फरार हुए दोनों नाबालिग अलग–अलग मामलों में यहां रखे गए थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ग्रिल पहले से कमजोर थी, जिसका फायदा उठाकर बच्चों ने योजना बनाकर भागने का रास्ता तैयार किया। सुरक्षा गार्ड और स्टाफ को इसकी भनक तक नहीं लगी, जो बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस और बाल संरक्षण विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि बच्चे किस दिशा में गए। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बालगृह में पहले भी अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन ठोस सुधार नहीं हुआ। ऐसे संवेदनशील संस्थान में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना गंभीर चिंता का विषय है। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि सुरक्षा में चूक बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और बालगृह की व्यवस्था को नए सिरे से दुरुस्त किया जाएगा। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि फरार नाबालिगों को कितनी जल्दी बरामद किया जाता है।