जौनपुर जिले में बूथ अध्यक्ष से शुरू हुआ विद्यासागर सोनकर का सफर अब संसद के उच्च सदन तक पहुंच गया है। करीब चार दशक के राजनीतिक सफर के बाद उन्हें पार्टी ने राज्यसभा सदस्य के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

संघ की पृष्ठभूमि से निकले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमएलसी विद्यासागर सोनकर को पार्टी ने राज्यसभा सदस्य के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया है। सुक्खीपुर निवासी सोनकर का बूथ अध्यक्ष से शुरू हुआ राजनीतिक सफर अब संसद के उच्च सदन तक पहुंचने जा रहा है। करीब चार दशक के राजनीतिक सफर में उन्होंने संगठन के विभिन्न दायित्व संभालने के साथ चुनावी राजनीति में भी कई उतार-चढ़ाव देखे हैं।
21 जुलाई 1961 को जन्मे विद्यासागर सोनकर पढ़ाई के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। वर्ष 1985 में भाजपा के बूथ अध्यक्ष बने और 1989 में जौनपुर में सभासद का चुनाव जीतकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1996 में सैदपुर संसदीय सीट (अब मछलीशहर) से भाजपा के टिकट पर लोकसभा पहुंचे। वर्ष 2000 में वह भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रहे।
सोनकर भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, युवा मोर्चा की प्रदेश इकाई में पदाधिकारी और काशी व गोरखपुर क्षेत्र में संगठन की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। केशव प्रसाद मौर्य और स्वतंत्र देव सिंह की प्रदेश अध्यक्ष वाली टीम में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी भी निभाई। प्रदेश कार्यसमिति में भी लगातार सक्रिय रहे।
सियासी सफर में हार भी मिली
विद्यासागर सोनकर को 2009 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही। वर्ष 2016 में पार्टी ने उन्हें विधान परिषद सदस्य बनाया। 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद भी उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं।
विद्यासागर सोनकर को 2009 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही। वर्ष 2016 में पार्टी ने उन्हें विधान परिषद सदस्य बनाया। 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद भी उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं।
2022 में संभाली थी छह यात्राओं की कमान
2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने प्रदेश में जनता तक पहुंच बनाने के लिए छह यात्राएं निकाली थीं। इन यात्राओं में एक अहम जिम्मेदारी विद्यासागर सोनकर को सौंपी गई थी। संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ के चलते उन्होंने चुनाव में पार्टी के अभियान को धार देने में भूमिका निभाई। अब भाजपा ने उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी बनाकर उनके लंबे संगठनात्मक सफर को एक और बड़ी जिम्मेदारी दी है।
2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने प्रदेश में जनता तक पहुंच बनाने के लिए छह यात्राएं निकाली थीं। इन यात्राओं में एक अहम जिम्मेदारी विद्यासागर सोनकर को सौंपी गई थी। संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ के चलते उन्होंने चुनाव में पार्टी के अभियान को धार देने में भूमिका निभाई। अब भाजपा ने उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी बनाकर उनके लंबे संगठनात्मक सफर को एक और बड़ी जिम्मेदारी दी है।




