सोमवार को सासनी तहसील पर किसानों फसलों का उचित मूल्य न मिलने से नाराज किसानों ने भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के बैनर तले प्रदर्शन किया। किसानों ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और आलू किसानों को अनुदान देने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री, कृषि मंत्री, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम एसडीएम शिव प्रकाश यादव तथा तहसीलदार डौली यादव कोे ज्ञापन सौंपा।
तहसील पर धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चैधरी उमाशंकर कांत ने की और संचालन संजय शर्मा एडवोकेट ने किया। संगठन के नेताओं ने कहा कि वर्तमान में महंगाई की दर 14 दशमलव 5 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है, जबकि सरकार द्वारा गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में मात्र 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है, जो किसानों के साथ एक छलावा है। संगठन ने मांग की कि गेहूं का रेट कम से कम 252 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया जाना चाहिए। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा आलू किसानों को दिया जाने वाला 500 रुपये प्रति क्विंटल का अनुदान वास्तव में प्रति बैग (50 किग्रा) केवल 50 रुपये बैठता है, जो ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। इसमें भी रजिस्ट्रेशन की शर्त लगाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। भाकियू ने मांग की कि सभी आलू किसानों को बिना शर्त 100 रुपये प्रति क्विंटल का सीधा अनुदान दिया जाए। अपनी मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने आगामी आंदोलन की चेतावनी देते हुए रूपरेखा घोषित की है जिसमें बताया है कि नौ अक्टूबर को उद्यान पार्क, अलीगढ़ पर प्रदर्शन होगा और बारह अक्टूबर को ईको गार्डन, लखनऊ में विशाल धरना देंगे सत्रह अक्टूबर हाथरस कलेक्ट्रेट पर विशाल प्रदर्शन होगा। इस दोरान राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी हरपाल सिंह, जिलाध्यक्ष उमाशंकर कांत, संजय शर्मा एडवोकेट, राजकुमार कौशिक, मुन्नीलाल शर्मा, कुलदीप कुमार सिराही, रामवीर सिंह, अजय कुमार गुप्ता, महेंद्र कुमार उपाध्याय, सुभाष चंद्र, राजकुमार, मनीष कुमार, रानेश सिंह सोलंकी और किरोड़ी सिंह सोलंकी सहित कई किसान व पदाधिकारी मौजूद रहे।



