सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अंधेरे में डूबा हुआ है। सीएचसी प्रभारी और अधिकारियों द्वारा यहां रोशनी लाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गये हैं। जिसके कारण प्रसूताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है।
बता दें कि सासनी सीएचसी बस स्टैण्ड के ठीक बराबर में स्थित है। यहां आॅपरेशन से डिलीवरी होने की भी सुविधा मौजूद है। मगर यहां मौजूद सीएचसी प्रभारी और अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण यहां आने वाली प्रसूताओं को भारी परेशानी का सामना करना पडता है। इसके अलावा अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों को भी उमस वाली गर्मी जैसी समस्या का सामना करना पडता है। अधिकतर यहां आॅपरेशन से होने वाली डिलीवरी को प्रभारी द्वारा सिकन्द्राराऊ रैफर किया जाता है। जब कि जिला अस्पताल नजदीक है। इसके अलावा डिलीवरी के दौरान प्रयोग में लाने वाली दवायें और आॅप्रेशन किट मौजूद न होने के कारण मरीजों को यह सभी सामान बाजार से खरीदकर लाना पडता है। तब जाकर डिलीवरी की जाती है। आॅप्रेशन थियेटर मे जाने पर अंधेरे का सामना करना पडता है। हाल ही में एक आशा द्वारा अपनी पुत्रवधू को यहां डिलीवरी के लिए भर्ती कराया मगर प्रसूता की हालत बिगड गई और उसके परिजन उसे निजी चिकित्सक के यहां ले गये। जहां प्रसूता ने बच्चे को जन्म देने के बाद दम तोड दिया। इसे लेकर मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS