
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और भारत में ईरान के सुप्रीम नेता के प्रतिनिधि डॉ. मोहम्मद हुसैन जियानिया ने कहा कि मौजूदा युद्धविराम केवल अस्थायी है जबकि ईरान स्थायी शांति चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में ईरान के बच्चों, स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाया गया। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि जो व्यक्ति दिन में ईरान को खत्म करने की बात करता है वही रात में युद्ध रोकने की अपील करता है।
उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल को दिल्ली स्थित ईरान कल्चर हाउस में खामेनेई की शहादत के 40वें दिन का विशेष समागम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिख धर्म और इस्लाम में शहादत की भावना समान रूप से गहरी है और दोनों ही शहीदों को अमर मानते हैं। उन्होंने पंजाब विधानसभा द्वारा ईरान के समर्थन में पारित प्रस्ताव की सराहना की और भारत-ईरान के 5000 साल पुराने संबंधों का उल्लेख किया।
लखनऊ में हो चुकी है श्रद्धांजलि सभा
इससे पहले 7 अप्रैल को लखनऊ के ऐतिहासिक इमामबाड़ा में खामेनेई की याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई थी जिसमें अब्दुल मजीद हकीम सहित कई धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदर्शनी, मेडिकल कैंप और रक्तदान शिविर के माध्यम से सामाजिक सेवा का संदेश भी दिया गया। दिल्ली में भी इसी तरह का आयोजन प्रस्तावित है।


