
पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के अधिकतर जिलों में तेज गति की हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश व पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी के चलते दिन व रात के तापमान में रिकॉर्ड गिरावट आई है। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान सामान्य तौर पर 32 से 36 डिग्री सेल्सियस रहता है। इस बार यह तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। रात का तापमान 16 से 20 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए वह अभी 13 से 17 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया।
मध्य, उत्तरी एशिया की तरफ से भी लगातार उत्तरी बर्फीली ठंडी, नमी वाली हवाएं चलने से उत्तरी राजस्थान व दक्षिणी पंजाब पर बने चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। इससे बंगाल की खाड़ी, अरब सागर से प्रचुर मात्रा में नमी वाली हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट आ रही है। प्रदेश में हुई ओलावृष्टि के असर के चलते भी तापमान में गिरावट रही है। अप्रैल माह के 7 दिन में केवल एक दिन ही सूरज चमका। इन्हीं कारणों के चलते अप्रैल महीने में फरवरी महीने की ठंड का अहसास हो रहा है।
रात का 6 डिग्री व दिन का 12 डिग्री सेल्सियस तापमान कम
तुलना की जाए तो 2025 की 8 अप्रैल को अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री था। बुधवार को यह तापमान 29.2 डिग्री रहा। पिछले साल की तुलना में अधिकतम तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस कम रहा। पिछले साल इसी दिन न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री था, बुधवार को यह 14.5 रिकॉर्ड हुआ। न्यूनतम तापमान भी 6 डिग्री कम दर्ज किया गया।
आगे कैसा रहेगा मौसम
9 अप्रैल को प्रदेश के उत्तरी जिलों में छिटपुट हल्की बारिश व बूंदाबांदी की गतिविधियों की संभावना बन रही है। 11 अप्रैल को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से तापमान में हल्की बढ़त देखने को मिलेगी। इसके चलते कहीं-कहीं आंशिक बादलवाही देखने को मिलेगी। परंतु आने वाले चार-पांच दिनों तक दिन और रात के तापमान सामान्य से नीचे बने रहेंगे। 15 अप्रैल से हवाओं के पैटर्न में एक बार फिर से बदलाव होने से पश्चिमी गर्म हवाओं से धीरे-धीरे संपूर्ण इलाके में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।


