Ajmer News: करंट लगने से सूडानी छात्र की मौत, अस्पतालों में लेकर भटकते रहे साथी, अजमेर में होगा अंतिम संस्कार

Picture of SHAREEN NEWSINDIA

SHAREEN NEWSINDIA

SHARE:

पढ़ाई के लिए भारत आए एक विदेशी छात्र की कल यूनिवर्सिटी हॉस्टल में करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिसर में शोक और चिंता का माहौल है, वहीं विदेशी छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

Ajmer News:करंट लगने से सूडानी छात्र की मौत, अस्पतालों में लेकर भटकते रहे  साथी, अजमेर में होगा अंतिम संस्कार - Ajmer News: Sudanese Student Dies Of  Electrocution In Hostel ...

शहर की भगवंत यूनिवर्सिटी में बी-फार्मेसी द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत एक विदेशी छात्र की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद हॉस्टल परिसर में हड़कंप मच गया और विदेशी छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

मृतक की पहचान सूडान निवासी 22 वर्षीय मोहम्मद इल्मुन्तसीर के रूप में हुई है। वह अरावली हॉस्टल-2 के फ्लैट नंबर 106 में रह रहा था। जानकारी के अनुसार रविवार रात वह बाथरूम में इलेक्ट्रिक रॉड से पानी गर्म कर रहा था। इसी दौरान संभवतः पानी में करंट उतर आया या रॉड के संपर्क में आने से उसे तेज झटका लगा। उसकी चीख सुनकर साथी छात्र पहुंचे और उसे अचेत अवस्था में पाया।
अस्पतालों में भटकते रहे छात्र
घटना के बाद साथी छात्र उसे तत्काल अस्पताल लेकर गए। पहले जनाना अस्पताल ले जाया गया, जहां पुरुष वार्ड की सुविधा न होने की बात कही गई। इसके बाद क्षेत्रपाल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन वहां भी स्थिति गंभीर बताकर उसे अन्यत्र रैफर कर दिया गया अंततः छात्र को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
दूतावास से अनुमति के बाद होगी प्रक्रिया
विदेशी नागरिक होने के कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस ने शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया है और सूडान दूतावास को सूचना भेजी गई है। दूतावास से अनुमति और परिजनों की सहमति मिलने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके पश्चात अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत शव को भेजने की व्यवस्था की जाएगी।

अजमेर में ही होगा अंतिम संस्कार
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से एसोसिएट डीन इंटरनेशनल ईआर गुलजार अहमद ने बताया कि मृतक छात्र के परिजनों से संपर्क स्थापित कर लिया गया है। परिजनों ने आर्थिक और अन्य कारणों से भारत आने में असमर्थता जताई है। परिजनों से एनओसी प्राप्त होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन माकड़वाली स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार की व्यवस्था करेगा। फिलहाल पुलिस और प्रशासन औपचारिक अनुमति का इंतजार कर रहे हैं।

सबसे ज्यादा पड़ गई