सीमा पार से पंजाब को दहलाने की साजिशें रची जा रही हैं। इस मकसद से विदेश आतंकी पंजाब में विस्फोटक सामग्री भेज रहे हैं। पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिससे आरडीएक्स आधारित आईईडी बरामद हुआ है।

खुफिया सूचना के आधार पर स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (एसएसओसी) अमृतसर ने कार्रवाई करते हुए आतंकी साजिश को नाकाम किया है। कार्रवाई के दौरान आरडीएक्स आधारित आईईडी (स्वनिर्मित विस्फोटक उपकरण) बरामद किया गया। अमृतसर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार यह मामला सीमा पार बैठे तत्वों से जुड़े आतंकी नेटवर्क से संबंधित है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में था, जो पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। बरामद आईईडी को सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचाने के उद्देश्य से पॉलीविनाइल क्लोराइड पाइप के भीतर छिपाकर रखा गया था। पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से किसी संभावित नुकसान को टाल दिया गया।
इस संबंध में थाना एसएसओसी, अमृतसर में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। विस्फोटक की बनावट, क्षमता और उपयोग के संभावित उद्देश्य को लेकर तकनीकी जांच कराई जा रही है।
पुलिस टीमें आरोपी से पूछताछ कर उसके संपर्कों, संचार माध्यमों और फंडिंग से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सीमा पार हथियार-नशा तस्करी के पांच आरोपी गिरफ्तार
अमृतसर शहरी पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर सीमा पार तस्करों से जुड़े हथियार और नशीले पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 523 ग्राम आईसीई (मेथामफेटामाइन) और दो ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल बरामद की हैं। थाना गेट हकीमा में केस दर्ज किया है।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गश्त और तलाशी अभियान के दौरान सतनाम सिंह उर्फ बिंदी को काबू किया गया। उसकी व्यक्तिगत तलाशी लेने पर आईसीई ड्रग और दो आधुनिक पिस्तौल मिलीं। पूछताछ में सतनाम सिंह ने बताया कि वह यह नशीला पदार्थ अमृतसर के विभिन्न इलाकों में रमन, चिराग, ऋषभ और वैभव को सप्लाई करता था। सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने चारों आरोपियों को नामजद कर अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया।
सिग्नल ऐप के माध्यम से होती थी बातचीत
जांच में सामने आया है कि सतनाम सिंह एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में था, जो सिग्नल ऐप के माध्यम से उससे बातचीत करता था। यह हैंडलर ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से आईसीई ड्रग और अवैध हथियारों की तस्करी का समन्वय करता था। सप्लाई के दौरान केवल कपड़ों या शारीरिक पहचान से जुड़े संकेत साझा किए जाते थे, ताकि आपूर्ति श्रृंखला के लोग एक-दूसरे की पहचान न जान सकें।
पुलिस के मुताबिक आईसीई ड्रग की कीमत हेरोइन की तुलना में कई गुना अधिक होती है, जिससे इसके अवैध कारोबार का दायरा और खतरा बढ़ जाता है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।