Ajit Pawar Death: 6 महीने 6 दिन पहले 66 साल के हुए थे अजित पवार, 6 बार बने डिप्टी सीएम, अंक-6 से रहा खास कनेक्शन

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Shikha Bhardwaj

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मुंबई/बारामती। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का मंगलवार को एक विमान हादसे में निधन हो गया। वह 66 वर्ष, 6 महीने और 6 दिन के थे। उनके निधन की खबर से महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। देशभर के राजनीतिक दलों और नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

अजित पवार का राजनीतिक करियर बेहद लंबा और प्रभावशाली रहा। वह महाराष्ट्र में कुल छह बार उपमुख्यमंत्री बने। उनकी राजनीति में पहचान एक मजबूत प्रशासक और तेज फैसले लेने वाले नेता के तौर पर रही। उनके निधन के बाद उनके जीवन से जुड़े कई संयोगों की भी चर्चा हो रही है, जिनमें अंक-6 से उनका खास कनेक्शन सामने आ रहा है।

बताया जा रहा है कि अजित पवार ने करीब 6 महीने और 6 दिन पहले ही अपना 66वां जन्मदिन मनाया था। इसके अलावा वह अपने राजनीतिक जीवन में छह बार डिप्टी सीएम बने, जिसे लोग एक अजीब संयोग के रूप में देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस “अंक-6” के संयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

जानकारी के मुताबिक, अजित पवार जिस विमान से यात्रा कर रहे थे, वह महाराष्ट्र के बारामती के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार अन्य लोगों की भी मौत हुई है। डीजीसीए (DGCA) ने हादसे की पुष्टि करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विशेष जांच टीम गठित की गई है।

अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। कई सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं और राज्य भर में झंडे आधे झुके रहेंगे। उनके अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अजित पवार के अचानक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा शून्य पैदा हो गया है। खासतौर पर NCP और महायुति गठबंधन की राजनीति पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में राज्य की सियासत में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

अजित पवार को एक जमीनी नेता के रूप में जाना जाता था, जिनका बारामती क्षेत्र में मजबूत जनाधार रहा। उनके समर्थकों के बीच “अजित दादा” के नाम से पहचान रखने वाले पवार के निधन से उनके समर्थकों में गहरा शोक है।

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Author: Shikha Bhardwaj

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