हैरानी की बात यह है कि अवैध निर्माणकर्ताओं पर नगर निगम की एमटीपी ब्रांच के कर्मचारियों से धक्कामुक्की करने और बिल्डिंग पर लगी सरकारी सील तोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगे थे, इसके बावजूद मामला ठंडे बस्ते में नजर आ रहा है।

पठानकोट की शांत विहार काॅलोनी में सरकारी नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध निर्माण के मामले में एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी नगर निगम की ओर से कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जहां तक की उक्त अवैध निर्माणधारकों पर नगर निगम की एमटीपी ब्रांच कर्मचारियों और अधिकारियों ने धक्कामुक्की करने और बिल्डिंग पर लगी सरकारी सील तोड़ने के आरोप लगाए थे। जिसके बाद उक्त लोगों खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर राहुल गगनेजा और अन्य अधिकारियों ने एक रिपोर्ट डीसी डा. पल्लवी कमिश्नर नगर निगम के पास भेजी।
हैरानी की बात यह है कि अवैध निर्माणकर्ताओं पर नगर निगम की एमटीपी ब्रांच के कर्मचारियों से धक्कामुक्की करने और बिल्डिंग पर लगी सरकारी सील तोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगे थे, इसके बावजूद मामला ठंडे बस्ते में नजर आ रहा है।
बताया गया कि इस संबंध में नगर निगम के जाॅइंट कमिश्नर राहुल गगनेजा व अन्य अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए एक रिपोर्ट डीसी सह नगर निगम कमिश्नर डाॅ. पल्लवी को भेजी थी लेकिन अब तक वह फाइल उनके कार्यालय तक नहीं पहुंची। वहीं, एमटीपी ब्रांच के अधिकारी भी इस मामले पर कुछ कहने से बचते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार 22 जनवरी को शांत विहार में एक बिल्डिंग का अवैध निर्माण चल रहा था। सूचना मिलने पर बिल्डिंग ब्रांच ने कर्मचारियों को मौके पर भेजा। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि निर्माण करवाने वालों ने उनके साथ धक्कामुक्की की और सरकारी सील तोड़कर काम जारी रखा। इसके बाद केस दर्ज करवाने के लिए फाइल तैयार की गई, जो अब तक लंबित है।
डीसी डाॅ. पल्लवी ने कहा कि फाइल मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने मौके पर अवैध निर्माण का नोटिस भी लगाया हुआ है। सूत्रों के अनुसार यह निर्माण ओटीजी के दायरे में भी आता है, जिसकी जांच की जानी बाकी है।



