उत्तर प्रदेश: हाल ही में एक राजनीतिक-सामाजिक घटनाक्रम ने सुर्खियां बटोरी हैं। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के एक डिप्टी कमिश्नर ने अचानक अपना इस्तीफा दे दिया। इस फैसले के पीछे का कारण माना जा रहा है शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणी।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि उन्हें इस टिप्पणी से आहत महसूस हुआ, और उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी मेरे बॉस हैं, इसलिए उन्होंने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कदम व्यक्तिगत सम्मान और पद की जिम्मेदारी को लेकर उठाया गया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे सवालों और चर्चाओं का विषय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना दिखाती है कि राजनीति और धर्म के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासनिक अधिकारियों के लिए कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, डिप्टी कमिश्नर ने अपने इस्तीफे के साथ मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति सम्मान व्यक्त किया, और अपने फैसले को पूरी तरह व्यक्तिगत और नैतिक जिम्मेदारी से प्रेरित बताया।
अगर चाहो तो मैं इसे न्यूज़पेपर स्टाइल लंबा वर्ज़न में भी लिख दूँ, जिसमें घटना का पूरा परिदृश्य, शंकराचार्य की टिप्पणी, डिप्टी कमिश्नर का बयान और राजनीतिक विश्लेषण शामिल हो।


