उत्तर प्रदेश में अंधविश्वास और धार्मिक उन्माद से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक युवक हाथ में बांका (धारदार हथियार) लेकर प्रयागराज स्थित प्रसिद्ध ललिता देवी मंदिर पहुंच गया और खुद की बलि देने की जिद करने लगा। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को काबू में लेकर बड़ा हादसा टाल दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक काफी उत्तेजित हालत में था और बार–बार कह रहा था कि “मां को प्रसन्न करने के लिए बलि देनी होगी।” उसने खुद को चोट पहुंचाने की भी कोशिश की, लेकिन श्रद्धालुओं ने किसी तरह उसे घेर लिया। इसी बीच मंदिर प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए युवक के हाथ से बांका छीना और उसे सुरक्षित थाने ले गए।
पूछताछ में युवक ने बताया कि वह पारिवारिक परेशानियों से गुजर रहा है और किसी तांत्रिक के बहकावे में आ गया था। परिजनों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह पूजा–पाठ के नाम पर अजीब–अजीब बातें कर रहा था। परिवार ने यह भी बताया कि युवक का पहले से कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
पुलिस ने युवक का मेडिकल परीक्षण कराया है और काउंसलिंग कराने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी। मंदिर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के खतरनाक पहलू को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देकर ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।