Himachal : मशीनरी के एयरड्राप में मौसम बना बाधा, एनएचएआई ने नहीं हारी हिम्मत; तेजी से चल रहा बहाली का कार्य

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कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे पर एनएचएआई ने बारिश के बीच सड़क बहाली का कार्य जारी रख 17 मील तक अपनी मशीनरी पहुंचा दी है। अब चिनूक से एयर ड्रॉपिंग नहीं होगी। पढ़ें पूरी खबर…

Himachal Weather became an obstacle in the airdrop of machinery NHAI did not lose courage

कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे पर 17 मील और बिंदु ढांक में मशीनों को एयर ड्राप करने में मौसम बाधा बन गया। लेकिन, एनएचएआई ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी। बारिश के बीच सड़क बहाली का कार्य जारी रख 17 मील तक अपनी मशीनरी पहुंचा दी है। अब चिनूक से एयर ड्रॉपिंग नहीं होगी। 17 मील में दो एलएंडटी, एक जेसीबी और चार डंपर लगाए गए हैं।

17 मील और बिंदु ढांक में सड़क बहाल करने के लिए मशीनरियां पहुंचना एनएचएआई के लिए सबसे बड़ी चुनौती था। इसके लिए चिनूक हेलीकॉप्टर से एलएंडटी, जेसीबी और डंपर एयर ड्राप किए जाने थे। लेकिन खराब मौसम के कारण कुल्लू के लिए चिनूक उड़ान नहीं भर सका। शिरढ, रायसन, डोहलूनाला और 14 मील मे एनएचएआई का कार्य युद्ध स्तर पर चलता रहा। यह सभी प्वाइंट मलबे से भरने के बाद अब एनएचएआई की टीम 17 मील में पहुंच गई है। यहीं पर मशीनों को एयरड्राप किया जाना था। अब मशीनें पहुंचने के बाद यहां पर सड़क बहाली का कार्य शुरू हो गया है।

कुल्लू से मनाली के बीच यहीं पर सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इसके बाद बिंदु ढांक और क्लाथ में मशीने पहुंच जाएगी। एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर अशोक चौहान ने बताया कि मशीनें पहुंच गई हैं। अब एयर ड्रॉपिंग कि जरूरत नहीं रही। दो दिन मौसम खराब रहने के कारण उड़ान नहीं हो पाई, जिसके कारण एयर ड्रॉपिंग नहीं हुई। तब तक मशीनरी 17 मील पहुंच गई। काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। जल्द हम मनाली तक हाइवे को अस्थाई तौर पर यातायात के लिए खोल देंगे।

 

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Author: NIMRA SALEEM

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