चाइनीज मांझे ने ली युवा डॉक्टर की जान, इलाके में शोक और आक्रोश की लहर

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Shikha Bhardwaj

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Reported by Shamim Iqbal

जौनपुर, उत्तर प्रदेश। मकर संक्रांति के पर्व पर जहां पूरा देश पतंगबाजी का आनंद ले रहा था, वहीं जौनपुर के एक परिवार के लिए यह दिन मातम में बदल गया। 25 वर्षीय फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. समीर हाशमी की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बाइक से जा रहे समीर की गर्दन चाइनीज मांझे से कट गई, जिससे उनकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मृत्यु हो गई।

डॉ. समीर हाशमी एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे और संघर्षों के बीच पढ़ाई पूरी कर हाल ही में समाज सेवा में जुटे थे। वे परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असमय मृत्यु ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है।

हादसे की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराज़गी जताई है। लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है, जो मासूमों और राहगीरों की जान ले रहा है।

सामाजिक संगठनों की मांग:

  • चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूर्ण और सख्त प्रतिबंध लागू किया जाए।
  • अवैध रूप से इसे बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
  • त्योहारों के दौरान विशेष पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

डॉ. समीर की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक जानलेवा चाइनीज मांझा खुलेआम बिकता रहेगा और प्रशासन कब जागेगा?

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

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