मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के दौरान वोटिंग स्याही को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने आरोप लगाया है कि मतदान के बाद मतदाताओं की उंगली पर लगाई जा रही स्याही आसानी से मिट जा रही है, जिससे फर्जी वोटिंग की आशंका बढ़ गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कई बूथों पर मतदाताओं ने खुद दिखाया कि स्याही पानी या रगड़ने से हल्की पड़ रही है, जो चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

MNS के पदाधिकारियों ने इसे चुनाव आयोग की बड़ी लापरवाही बताते हुए तुरंत जांच की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि कमजोर क्वालिटी की स्याही के कारण एक ही व्यक्ति दोबारा वोट डाल सकता है। कुछ जगहों से ऐसी शिकायतें भी आई हैं कि वोट डालने के कुछ ही घंटों बाद स्याही का निशान लगभग गायब हो गया। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है।
वहीं चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इस्तेमाल की जा रही स्याही मानक गुणवत्ता की है और पूरे राज्य में एक ही कंपनी की अधिकृत स्याही प्रयोग में लाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक कुछ मामलों में मतदाताओं द्वारा साबुन या केमिकल के इस्तेमाल से स्याही हल्की पड़ सकती है, लेकिन इससे मतदान की गोपनीयता और सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता।
इस विवाद के बीच राजनीतिक माहौल गरमा गया है। MNS ने चेतावनी दी है कि अगर चुनाव आयोग ने तुरंत संज्ञान नहीं लिया तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। मामले ने BMC चुनाव की पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी है, जिस पर आने वाले दिनों में और हंगामा होने के आसार हैं।