मुंगेर जिले में शुक्रवार को धरहरा और मुफस्सिल थाना पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया। दरियापुर निवासी विजय कुमार सिंह और उनके बेटे सुधांशु कुमार ने आरोप लगाया है कि हत्या के एक मामले में फरार आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस ने उन्हें घर और थाने, दोनों जगह बेरहमी से पीटा। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

परिवार का आरोप
सदर अस्पताल में भर्ती विजय सिंह और सुधांशु का कहना है कि शुक्रवार को धरहरा थाना प्रभारी बंटी कुमारी, एएसआई अभिषेक कुमार और उनके निजी चालक जबरन घर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। रोकने पर पुलिस ने लाठियों से उनकी पिटाई की और बाद में थाने ले जाकर भी मारपीट की।
दोनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें पानी तक नहीं दिया और प्रताड़ित किया, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। पीड़ितों ने अब न्याय के लिए एसपी, डीआईजी और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का ऐलान किया है।
डॉक्टर की पुष्टि
सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. बी.एन. सिंह ने बताया कि दोनों घायलों को चोटों के साथ अस्पताल लाया गया था और उनके शरीर पर लाठी-डंडों से मारपीट के स्पष्ट निशान मौजूद हैं। हालांकि फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
पुलिस का पक्ष
मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह ने मारपीट के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि 11 फरवरी को धरहरा थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में नवविवाहिता ममता कुमारी की हत्या के मामले में फरार आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी सिलसिले में विजय सिंह के घर छापेमारी की गई।
थानाध्यक्ष के मुताबिक, आरोपी वहां नहीं मिला, लेकिन पूछताछ के लिए विजय सिंह और उनके बेटे को थाने लाया गया और बाद में पीआर बाउंड पर छोड़ दिया गया। उन्होंने दावा किया कि थाने में किसी भी तरह की मारपीट नहीं की गई।