
लखनऊ। गुडंबा के बेहटा गांव में रविवार सुबह हुए विस्फोट के बाद सोमवार को पुलिस ने पूरे गांव में छापेमारी की। छह लोगों ने अपने-अपने गोदाम में अवैध रूप से पटाखे और विस्फोटक को स्टोर करके रखा है। पुलिस ने छापेमारी करते हुए भारी मात्रा में सामान बरामद किया था। गोदाम के मालिकों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
इंस्पेक्टर गुडंबा प्रभातेष कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर बेहटा गांव निवासी अली अहमद, याकूब, शेरू, नसीम, अफजल और अली अकबर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपी भागे हुए हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगी है। अली अहमद, शेरू और अली अकबर के खिलाफ रविवार को हुए धमाके के मामले में पहले ही गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था। एसीपी गाजीपुर ए. विक्रम सिंह ने बताया कि जांच में इस बात का पता चला है कि नामजद सभी आरोपी अवैध रूप से पटाखों का कारोबार कर रहे थे।
अली अहमद के गोदाम से 15 बोरी सुतली बम, 30 किलो बारूद, एक बोरी सुतली, 5 बोरी बुरादा मिला। याकूब के गोदाम से 6 बोरी पटाखे, 240 किलो बारूद, पटाखे बनाने में प्रयोग होने वाले सामान की 12 बोरी, 4 बोरी खोखे मिले। शेरू के गोदाम से पुलिस ने 320 किलो बारूद, 800 किलोग्राम देशी पटाखे, 20 किलो वजन का एक बारूद का डिब्बा, 2 बोरी पटाखे के खोखे, चार बोरी बुरादा मिला। नसीम के गोदाम से 10 बोरी पटाखे, दो बोरी बुरादा, एक ड्रम में 50 किलो बारूद मिला। अफजल के गोदाम से 10 बोरी बुरादा, 8 बोरी पटाखों के खोखे बरामद हुए। अली अकबर के गोदाम से 18 बोरी देशी पटाखों, 50 किलो बारूद, 5 बोरी में 250 किलो बारूद मिला।
गांव में कई घरों में बनता है पटाखों का खोखा
बेहटा गांव में बड़े पैमाने पर घरों में चोरी छुपे पटाखों के लिए प्रयोग होने वाले खाली खोखे या खोल बनाए जाते हैं। इस बात का खुलासा मंगलवार को उस वक्त हुआ जब गांव के एक टेलर के घर से पुलिस ने भारी मात्रा में कागज के खोल बरामद किए। घर में मौजूद महिला ने बताया कि एक पटाखा विक्रेता ने उनके बेटे को खोल बनाने के लिए दिया था। महिला ने ही इस बात को बताया कि गांव में कई और घरों में लोग चोरी छुपे पटाखों का खोल बनाने का काम करते हैं।