Banda: फूड प्वॉइजनिंग से 20 से अधिक बच्चे बीमार, ठेलिया से लेकर खाया था मोमोज, स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप

Picture of Shikha Bhardwaj

Shikha Bhardwaj

SHARE:

 बांदा जिले के नरैनी तहसील के मसूरी खेरवा गांव में मोमोज खाने के बाद 20 से अधिक बच्चे अचानक बीमार हो गए। बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत हुई, जिसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर उपचार शुरू किया, वहीं चार बच्चों को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।An innocent child died due to food poisoning in Firozabad | फिरोजाबाद में  फूड पॉइजनिंग से एक मासूम की मौत: 3 बीमार, केले खाने के बाद बिगड़ी बच्चों की  तबियत, स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटा - Firozabad News | Dainik Bhaskarकैसे बिगड़ी बच्चों की हालत?
गांव के स्थानीय निवासियों के मुताबिक, गुरुवार शाम बच्चों ने गांव में लगे एक ठेले से मोमोज खाए थे। अगले दिन धीरे-धीरे उनकी तबीयत खराब होने लगी। कई बच्चों को उल्टी-दस्त और तेज बुखार हो गया। शुरुआत में गांव में ही इलाज कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया।

गंभीर बच्चे मेडिकल कॉलेज रेफर
शुक्रवार देर रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरैनी में भर्ती बच्चों—स्नेहा (18), विवेक (14), प्रिंस (12) और प्रीति (9)—की हालत में सुधार न होने पर डॉ. अतुल वर्मा ने उन्हें रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने आशंका जताई कि सभी बच्चे फूड प्वॉइजनिंग का शिकार हुए हैं।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी जिलाधिकारी को मिलते ही निर्देश पर स्वास्थ्य टीम गांव भेजी गई। रात करीब 9 बजे सीएचसी बहेरी के अधीक्षक डॉ. देव तिवारी, डॉ. विनोद और उनकी टीम ने गांव पहुंचकर देर रात तक घर-घर जाकर बीमार बच्चों का इलाज किया।

इलाज पाने वाले बच्चों में मोहिनी, हरिराम, नीरज, सुनील, मुन्नी, पूजा, रंजीत, शानू, दीपक, सूरज, महक, शिवा, अरविंद, अर्चना और गीता शामिल हैं। कुल 15 बच्चों की पुष्टि फूड प्वॉइजनिंग केस के रूप में हुई है।

ठेले वाले पर कार्रवाई
घटना की जानकारी पर नाराज ग्रामीणों ने मोमोज बेचने वाले ठेला संचालक की शिकायत पुलिस से की। गिरवा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ठेले से मिला पूरा सामान जब्त कर लिया और ठेला मालिक को हिरासत में ले लिया है।

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।