पंचकूला सेक्टर-23 आईटी पार्क में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने 85 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें दर्जनभर से ज्यादा युवतियाँ भी शामिल हैं। छापेमारी में 145 लैपटॉप, 140 मोबाइल फोन और करीब 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।पुलिस जांच में सामने आया कि ये गिरोह संगठित तरीके से देश-विदेश के नागरिकों, खासकर अमेरिका और यूरोप के लोगों को ठगता था। कॉल सेंटर के कर्मचारी खुद को अंतरराष्ट्रीय सर्विस प्रोवाइडर और हेल्पडेस्क स्टाफ बताकर झूठी योजनाएँ और ऑफर दिखाते थे। इनमें “ओबामा वेलफेयर इनिशिएटिव” जैसी फर्जी स्कीमें भी शामिल थीं, जिन्हें भारत की बीपीएल योजना से जोड़कर लोगों को भरोसे में लिया जाता था। विश्वास जमने के बाद पीड़ितों से बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल की जाती थी, जिसे बाद में अपराधियों को बेचकर पैसे बिटकॉइन और हवाला नेटवर्क के जरिए हासिल किए जाते थे।
बरामदगी:
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सर्टीस आईटी सर्विस सेंटर से 85 लैपटॉप, 62 मोबाइल व ₹8.40 लाख नकद
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आईस्पेश टेक्नोलॉजी से 62 लैपटॉप, 60 मोबाइल और ₹73 हजार
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तीसरे सेंटर से 21 सीपीयू, 18 मोबाइल, एक लैपटॉप व ₹3.20 लाख नकद
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सूदन ने बताया कि इस ऑपरेशन में साइबर थाना, क्राइम ब्रांच और डिटेक्टिव स्टाफ की तीन टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। पुलिस का मानना है कि इन कॉल सेंटरों के तार भारत से बाहर तक जुड़े हो सकते हैं। वर्तमान में आरोपियों से पूछताछ जारी है और करीब दस मुख्य संचालकों के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है।