Chittorgarh Crime: सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में कहा कि युवती से दुष्कर्म और हत्या का यह मामला अक्षम्य है। हम मांग करते हैं कि मामले में निष्पक्ष जांच हो, सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें फांसी की सजा दी जाए।

चित्तौड़गढ़ में एक 20 वर्षीय युवती से दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे शहर में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इस जघन्य अपराध के खिलाफ सोमवार को सर्व समाज के लोगों ने कीरखेड़ा चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और निष्पक्ष जांच व आरोपियों को फांसी की सजा की मांग की। प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कलक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। परिजनों और समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक और जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की।

निंबाहेड़ा मार्ग पर मिला युवती का शव
जानकारी के मुताबिक, यह दिल दहला देने वाली घटना 6 अगस्त को सदर थाना क्षेत्र के निंबाहेड़ा मार्ग पर हुई, जब तुलसी एनक्लेव के पास भरे पानी में एक युवती का शव मिला। अगले दिन शव की शिनाख्त हुई और पीड़िता के पिता ने सदर थाने में दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज कराया। प्रकरण संख्या 0295/2025 के तहत पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। पीड़िता 20 वर्षीय कक्षा 11 की छात्रा थी, जो उस दिन सुबह काम के लिए घर से निकली थी। उसके पिता मजदूरी करते हैं, जो दिन में घर लौटे तो उसे न पाकर तलाश शुरू की और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अगले दिन शव बरामद होने की सूचना दी। युवती के शरीर पर चोट के निशान थे और उसके कपड़े खून से सने हुए थे, जिसने इस अपराध की क्रूरता को उजागर किया।

सर्व समाज का प्रदर्शन और ज्ञापन
इस जघन्य अपराध के खिलाफ कीर समाज और अन्य समुदायों ने एकजुट होकर सोमवार को कीरखेड़ा चौराहे पर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया। लोग पैदल मार्च निकालकर कलक्ट्रेट चौराहे पहुंचे, जहां उन्होंने निष्पक्ष जांच और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक और जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
परिजनों ने बताया कि अभी तक केवल एक या दो आरोपियों को पकड़ा गया है, जबकि इस वारदात में पांच से सात लोग शामिल हैं। उन्होंने इस अपराध को अक्षम्य बताते हुए कठोर सजा, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

कलेक्ट्रेट में तनाव और पुलिस तैनाती
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारी महिला और पुरुषों ने जबरन कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने की कोशिश की। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया और केवल एक प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाने की अनुमति दी। इस दौरान चित्तौड़गढ़ कोतवाली थाना, सदर थाना और पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया, जिसने पूरे परिसर को छावनी में बदल दिया। पुलिस की इस तैनाती ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की, लेकिन प्रदर्शनकारियों का आक्रोश कम नहीं हुआ।


पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर एक या दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अभी भी कई आरोपी फरार हैं। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पीड़िता के शव पर चोट के निशानों और खून से सने कपड़ों के आधार पर दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि की जा रही है। पुलिस इस मामले में और सबूत जुटाने के लिए गहन जांच कर रही है।
