
शिवपुरी जिला के नरवर विकासखंड के महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक अनीता श्रीवास्तव को 20000 की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा।
शिशुपाल जाटव नाम के युवक ने लोकायुक्त पुलिस को अपनी शिकायत में बताया की उसकी बहन रानी जाटव को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति हेतु पर्यवेक्षक ने 180000 रुपये मांगे थे।
और इसके लिए शिशुपाल महिला पर्यवेक्षक से मिला। और अपने मोबाइल की रिकॉर्डिंग चालू राखी।जिसमे महिला सुपरवाइजर अनिता की रिशवत की बाते रिकॉर्ड हो गई।
150000 की डील तय हुई। और 20000 की रकम एडवांस में देना तय हुआ। और लोकायुक्त पुलिस ने रिकॉर्डिंग की जंच करा के टीम तैयार की।
फिर जब शिशुपाल ने महिला सुपरवाइजर को 20000 की अग्रिम राशि दी, तभी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने सुपरवाइजर अनिता श्रीवास्तव को रंगे हाथ पकड़ लिया।
शिवपुरी कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने रिस्वतखोर सुपरवाइजर अनिता श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वर्तमान में आंगनवाड़ी में नियुक्ति का मौसम चल रहा है जिसका कारण महिला बाल विकास विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
शिवपुरी से दिनेश भार्गव ‘हिमांक’ की रिपोर्ट।
Author: planetnewsindia
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