Varanasi Crime: बिहार की युवती को फ्लैट में बनाया बंधक, डायल-112 ने कराया मुक्त; पढ़ें- पूरा मामला

Picture of Shikha Bhardwaj

Shikha Bhardwaj

SHARE:

वाराणसी जिले के दुर्गाकुंड में युवती को बंधक बनाने और गाली गलौज मामले में युवती समेत तीन पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

girl from Bihar was held hostage in flat Dial 112 freed her in varanasi

वाराणसी जिले के भेलूपुर थाना क्षेत्र के दुर्गाकुंड कबीरनगर कालोनी स्थित एक फ्लैट में युवती को बंधक बनाकर पिटाई और गालीगलौज मामले में महिला समेत दो युवकों के खिलाफ रविवार को मुकदमा दर्ज किया गया। शनिवार की रात डायल-112 पर सूचना दी तो पुलिस ने उसे फ्लैट से बाहर निकाला।

बिहार के नालंदा सरायमोहाना की रहने वाली युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात लखनऊ में अन्नू नामक युवती और भानु प्रजापति नामक युवक से हुई। दोनों ने झांसा दिया कि वाराणसी चलो और वहां अच्छा रोजगार मिलेगा। 8 अगस्त को वाराणसी पहुंची तो दुर्गाकुंड कबीरनगर कालोनी स्थित फ्लैट में ले जाया गया, जहां पहले से विवेक सिंह, भानु प्रजापति सहित एक और युवक मौजूद था।
अगले दिन सभी चले गए लेकिन मेरी देख भाल करने के लिए विवेक सिंह को कमरे में छोड़ गए। मुझे उन सभी की मंशा ठीक नहीं लगी और घबराई। विवेक से घर जाने की बात कही तो उसने साफ मना कर दिया। विवेक ने कहा कि अन्नू और भानु आएंगे तभी फ्लैट से जा सकोगी।

विरोध करने पर गाली गलौज की। बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। भेलूपुर इंस्पेक्टर सुधीर कुमार त्रिपाठी ने बताया कि युवती की तहरीर के आधार पर तीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई

आरोप है कि करीब 45 मिनट बाद फैक्टरी के कुछ वर्कर, जिनका नेतृत्व वर्क हाउस मैनेजर पारस कर रहा था, ने आयकर टीम पर हमला बोल दिया। टीम के सदस्य जब अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों में बैठे तो आरोपियों ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। टीम की अर्टिगा गाड़ी पर भारी पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हमले में ड्राइवर जगदीप को गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य हुंडई वर्ना गाड़ी के हैंडल तोड़ दिए और ड्राइवर के साथ हाथापाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए। सरकारी दस्तावेज और मुहर फैक्ट्री में छूटे टीम के अनुसार, हमले के दौरान टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान आयकर अधिकारी अमरजीत की कुछ किताबें, आधिकारिक मुहर और मोबाइल चार्जर फैक्टरी परिसर में ही छूट गए। मौके पर मौजूद एएसआई तेजपाल ने किसी तरह टीम को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद जॉइंट कमिश्नर शक्ति सिंह भी मौके पर पहुंचे।