अप्रवासी भारतीयों की अमेरिका से वापसी ने कई परिवारों को गहरा दर्द दिया है। बेहतर भविष्य के लालच में कोई कर्ज लेकर तो किसी ने जमीन बेचकर पैसा जुटाया और अमेरिका जाने की कोशिश में जुट गए। सही रास्ता नहीं मिला तो गलत ढंग से ही रवाना हो गया। एजेंटों के जाल में फंसे कई तो ऐसे भी हैं जो चंद दिनों पहले ही अमेरिका पहुंचे थे अब उनके घर मातम जैसे हालात हैं।

पिछले वर्ष अमेरिका में सबसे अधिक संख्या में भारतीय छात्रों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया और 7,000 भारतीय छात्र वीजा समाप्त होने के बावजूद अमेरिका में रुके रहे। उन्होंने न तो वर्क वीजा लिया और न ही स्टे लिया। इसमें भारी संख्या पंजाबियों की है, जो डॉलरों की चमक दमक के दीवाने हैं।
अमेरिकी न्यायपालिका सदन समिति के समक्ष बोलते हुए वॉन ने चेतावनी दी कि सभी अस्थायी वीजा श्रेणियों में, एफ-1 (शैक्षणिक छात्र) और एम-1 (व्यावसायिक छात्र) वीजा श्रेणियों में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रुकने की दर सबसे अधिक है।
41 लाख का कर्ज लेकर भेजा निर्वासन से सदमे में परिवार
अमेरिका से निर्वासित भारतीयों में पंजाब के मोहाली का प्रदीप (23) भी है। परिवार ने उसे अमेरिका भेजने के लिए 41 लाख का कर्ज लिया। वह डंकी रूट से अमेरिका में घुसा था और बॉर्डर पर ही पकड़ लिया गया। प्रदीप के अमेरिका से लौटने पर परिवार सदमे में है। एक तरह उन्हें बेटे के घर पहुंचने का इंतजार है, तो दूसरी तरफ सिर पर चढ़े कर्ज की चिंता भी सता रही है।
मूनक के जानी गांव निवासी सतबीर डंकी रास्ते से चार दिन पहले ही अमेरिका में दाखिल हुआ था। वह भी बुधवार को डिपोर्ट होकर अमृतसर पहुंच गया। ग्रामीणों के अनुसार, सतबीर पांच वर्ष पहले अपने हिस्से की जमीन बेचकर एजेंट के माध्यम से विदेश चला गया। वहां छोटे-छोटे अनेक देशों का सफर करते हुए चार दिन पहले ही मैक्सिको की सीमा पार कर अमेरिका में दाखिल हुआ था।
स्थानीय कैंटोनमेंट इलाके के रहने वाले अजयदीप सिंह के दादा उसे लेने अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचे। बेहद मायूस और दुखी दिख रहे दादा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वह इतने ज्यादा हताश थे कि उन्होंने बात करने से इन्कार कर दिया और बताया कि फिलहाल उनके पोते को पुलिस वालों ने हिरासत में रखा हुआ है क्योंकि कुछ औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
अमेरिका से वापस भेजे गए पंजाब के लोगों के परिजनों ने कहा कि उन्होंने परिवार के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद में अपने सदस्य की अमेरिका यात्रा के लिए भारी कर्ज लिया था। लेकिन अब उनके सभी सपने चूर चूर हो गए। साथ ही सिर पर इस कर्ज का पहाड़ टूटा है जिससे मुक्त हो पाना असंभव है।
पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि ट्रैवल एजेंटों ने उनकी जानकारी के बिना युवाओं की अमेरिका यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए अनुचित तरीके अपनाए। उन्होंने ऐसे एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
Author: planetnewsindia
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