जर्मनी का आकर्षण मुफ्त सार्वजनिक विश्वविद्यालय, 18 महीने का पोस्ट स्टडी वर्क वीजा और सरकारी छात्रवृत्तियां हैं। यहां केवल 150 से 250 यूरो प्रति सेमेस्टर प्रशासनिक शुल्क लिया जाता है।

अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन में वीजा और पीआर नियमों की सख्ती के बीच अब छात्रों का रुझान यूरोप खासकर जर्मनी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 2025-26 शैक्षणिक सत्र में जर्मनी में विदेशी छात्रों की संख्या रिकॉर्ड 4.20 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।
जर्मन अकादमिक विनिमय सेवा और उच्च शिक्षा अनुसंधान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में 4.02 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने दाखिला लिया था जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा था। इसमें करीब 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारत, वियतनाम समेत एशियाई देशों से छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
जर्मनी में भारत सबसे बड़ा स्रोत देश बन गया है और करीब 59 हजार भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जो एक साल में 20 प्रतिशत की वृद्धि है। कुल विदेशी छात्रों में 33 प्रतिशत एशिया-प्रशांत क्षेत्र से हैं।
जर्मनी का आकर्षण मुफ्त सार्वजनिक विश्वविद्यालय, 18 महीने का पोस्ट स्टडी वर्क वीजा और सरकारी छात्रवृत्तियां हैं। यहां केवल 150 से 250 यूरो प्रति सेमेस्टर प्रशासनिक शुल्क लिया जाता है।
इमीग्रेशन विशेषज्ञ पवन कुमार गुप्ता के अनुसार जर्मनी आसान अवसर दे रहा है लेकिन अभी भी कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया पहली पसंद हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जर्मनी के कॉलेज वीजा मेलों के जरिए और छात्रों को आकर्षित करेंगे।