इस मामले में पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस टीमें तकनीकी निगरानी, फील्ड जांच और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के माध्यम से लापता लड़कियों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।

लुधियाना जिले में 38 दिनों के भीतर 14 नाबालिग किशोरियां व युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस ने इन सभी मामलों में विभिन्न थानों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि इस मामले में पंजाब महिला आयोग ने भी स्वत: संज्ञान ले लिया है मगर दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि प्रथम दृष्टया जांच में किसी संगठित अपहरण गिरोह या आपराधिक साजिश के सबूत नहीं मिले हैं। आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने इस मामले में लुधियाना के पुलिस आयुक्त से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
थानों में दर्ज कई मामलों में युवतियों को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप है जबकि कुछ एक मामलों में किशोरियां संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई हैं। ढूंढ़ने के बाद जब वे नहीं मिलीं तो परिजनों ने इसकी शिकायत संबंधित थानों में की। उधर, पुलिस का दावा है कि हर शिकायत पर एफआईआर की गई है जबकि सोशल मीडिया पर डर का माहौल बनाया जा रहा है, जोकि अनुचित है। इस बीच पंजाब महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेकर पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है।
27 अप्रैल : सलेम टाबरी, 18 वर्षीय युवती लापता, आरोपी सुनील साहनी के खिलाफ मामला दर्ज।
3 मई : सदर थाना, नाबालिग लापता, अज्ञात के खिलाफ मुकदमा।
4 मई : डिवीजन नंबर-5, नाबालिग लापता, आरोपी अनमोल नामजद।
13 मई : साहनेवाल, नाबालिग लापता, आरोपी राहुल पर शादी का झांसा देने का आरोप।
24 मई : सराभा नगर, 16 वर्षीय किशोरी घरेलू से लौटने के दौरान लापता, साइकिल मंदिर के बाहर मिली।
25 मई : डिवीजन नंबर-2, 10 वर्षीय बच्ची संदेहास्पद हालात में गुम, एफआईआर।
25 मई : डाबा, नाबालिग लापता, आरोपी पवन कुमार पर केस।
26 मई : जमालपुर, 13 व 16 वर्षीय किशोरियां लापता, अज्ञात के खिलाफ मुकदमा।
27 मई : फोकल प्वाइंट, नाबालिग, आरोपी राज कुमार नामजद।
28 मई : जमालपुर, नाबालिग लापता, आरोपी करन पर भगा ले जाने का आरोप।
29 मई : दो मामलों में एक युवती, दूसरा नाबालिग लापता, जांच जारी।
1 जून : जमालपुर, 14 वर्षीय किशोरी लापता, आरोपी ननके पर शादी का झांसा देने का केस।
3 जून : दरेसी, 18 वर्षीय युवती लापता, अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी।
तीन बहनें अंबाला और यूपी से मिलीं
हर शिकायत पर कर रहे कार्रवाई
मई माह में पुलिस कमिश्नरेट की सीमा में नाबालिग लड़कियों के लापता होने के केवल 10 मामले ही दर्ज हुए हैं। सोशल मीडिया पर 14-15 का जो आंकड़ा चल रहा है, वह भ्रामक है। हर शिकायत पर एफआईआर की जा रही है। जमालपुर की तीनों बच्चियां को ढूंढ लिया गया है। बाकी मामलों में भी टीमें लगी हैं। – रमनदीप सिंह भुल्लर, एडीसीपी
इस मामले में पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस टीमें तकनीकी निगरानी, फील्ड जांच और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के माध्यम से लापता लड़कियों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। वर्तमान समय में किसी संगठित अपहरण गिरोह या आपराधिक साजिश के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, चल रही जांच के तहत सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। टीमें लापता लड़कियों का पता लगाने में जुटीं हैं। – राज लाली गिल, अध्यक्ष, महिला आयोग