विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सासनी विज्ञान क्लब, सुशीला फाउंडेशन एवं बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया द्वारा यूपीएस छौंक में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय हाथरस शशि बाला एवं समाजसेवी ललितेश उपाध्याय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंचार्ज प्रधानाध्यापक विमलेश सेंगर ने की एवं मंच का संचालन सासनी विज्ञान क्लब समन्वयक डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह ने किया।
मंगलवार को आयोजित कार्रक्रम में डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह ने अपने उद्बोधन में विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के इतिहास एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रतिवर्ष 28 जुलाई को मनाया जाने वाला यह दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, भूमि एवं जैव विविधता का संरक्षण केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। मुख्य अतिथि शशि बाला ने कहा प्रकृति का संतुलन ही मानव जीवन का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है आइए, इसे मिलकर सुरक्षित रखें। ललितेश उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति या संस्था का कार्य नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रधानाध्यापक विमलेश सेंगर ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पर्यावरणीय संस्कारों से युक्त विद्यार्थी ही भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र के सतत विकास में योगदान देंगे। नेहा ओझा ने कहा कि प्रकृति हमें जीवन के सभी आवश्यक संसाधन निःस्वार्थ भाव से प्रदान करती है। ज्योति सेंगर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों का नियमित संरक्षण एवं संवर्धन भी किया जाए। उन्होंने प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधे के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। प्रीति सेंगर ने कहा कि जन-जागरूकता ही प्रकृति संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम है। जब समाज का प्रत्येक वर्ग पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाएगा, तभी स्वच्छ, हरित एवं संतुलित पर्यावरण का निर्माण संभव होगा। अंत में समस्त विजयी प्रतिभागियों दामिनी, रश्मि, आशिया, दीप्ति, सोनम, भावना, अंजली, आयुषी, दिव्या, सुहानी, रिजवाना, अमृता को उपहार व सम्मान पत्र दे का सम्मानित किया गया। देशभर में आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिता में गयाराम ध्रुव शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गुमझीर, अंतागढ़, कांकेर, छत्तीसगढ़, रश्मि उनियाल राजकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय ग्रास्टनगंज कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड, पूनम गुप्ता सहायक अध्यापिका प्राथमिक विद्यालय शिवपुर सकलडीहा चंदौली उत्तरप्रदेश, रानी शशि दिवाकर अमरोहा उत्तर प्रदेश, नेहा ओझा, हाथरस उत्तर प्रदेश,आकांक्षा, प्राथमिक विघालय सब्दलपुर तेली,जलीलपुर,बिजनौर,उत्तर प्रदेश, प्रेया सुरेश कुमार, सलेम, तमिलनाडु का सराहनीय सहयोग रहा।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS