सूचना मिलने पर जुई थाना प्रभारी ओमप्रकाश यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों ट्रैक्टरों को कब्जे में लेकर थाने ले आए। कृष्ण ने बताया कि यह मामला परिवार से जुड़ा हुआ है और कुछ बाहरी लोग बिना वजह ट्रैक्टर लेकर अफरा-तफरी मचा रहे हैं। थाना प्रभारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि कृष्ण की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मौके से दो ट्रैक्टर कब्जे में लिए गए हैं। दोनों पक्षों को अपने-अपने जमीन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच जारी है और प्रकरण एसपी भिवानी के संज्ञान में भी है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से बात कर इसकी जांच में जुटी है।

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मुख्य न्यायधीश जस्टिस शील नागू व जस्टिस संजीव बैरी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि स्टिल्ट प्लस फोर नीति पर रोक का आदेश केवल गुरुग्राम तक सीमित है। अन्य जिलों पर यह लागू नहीं होगा।
High Court says Stilt-plus-four constructions permitted across Haryana barring Gurugram
स्टिल्ट प्लस फोर नीति को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला देते हुए लोगों को बड़ी राहत दी है। मुख्य न्यायधीश जस्टिस शील नागू व जस्टिस संजीव बैरी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि रोक का आदेश केवल गुरुग्राम तक सीमित है। अन्य जिलों पर यह लागू नहीं होगा। यानी हरियाणा सरकार की स्टिल्ट प्लस फोर नीति के तहत गुरुग्राम को छोड़कर बाकी हरियाणा में चार मंजिल से ज्यादा के भवन का निर्माण हो सकेगा।

साथ ही पीठ ने गुरुग्राम समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में अतिक्रमण और निर्माण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर रोक से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है। जस्टिस नागू ने रोक हटाने की मांग को लेकर दायर अर्जी पर कहा-आप लोग गुरुग्राम में सुधार चाहते हैं या नहीं।

हाईकोर्ट ने यह आदेश दो अप्रैल को जारी किए गए अंतरिम आदेश को स्पष्ट करते हुए दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गुरुग्राम की बिगड़ती शहरी स्थिति पर गंभीर चिंता भी जताई। कहा कि फुटपाथ और सड़कों पर अतिक्रमण के कारण लोगों के पास चलने तक की जगह नहीं बची है। कोर्ट ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए टिप्पणी की कि वहां लोग कॉलोनियां छोड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें चलने के लिए जगह नहीं मिल रही। गुरुग्राम पहले ही बढ़ती आबादी के दबाव से चरमराने की कगार पर है इसलिए फिलहाल कोई राहत देना संभव नहीं है।

सरकार की नीति की न्यायिक समीक्षा होगी

हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार की व्यापक नीति अभी भी न्यायिक समीक्षा के दायरे में रहेगी और मामले की सुनवाई जारी रहेगी।

जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा कोर्ट

जनहित याचिका में स्टिल्ट प्लस फोर नीति पर रोक लगाने की मांग की गई है। याची पक्ष ने तर्क दिया है कि विशेषज्ञ कमेटी की सिफारिशों को दरकिनार करते हुए चार फ्लोर बनाने की अनुमति दे दी गई। सरकार को पहले विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करनी चाहिए थी। कोर्ट ने माना कि बिना पर्याप्त आधारभूत संरचना के अतिरिक्त मंजिलों की अनुमति देने से शहर पर बोझ बढ़ेगा। इससे सीवरेज, ड्रेनेज, ट्रैफिक, जलभराव व अन्य नागिरक समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।

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Author: priya singh

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