ड्राइविंग लाइसेंस की राह अब मुश्किल: AI आधारित ट्रैक पर परीक्षा, इस तरह से होगा टेस्ट; ये होंगे बड़े बदलाव

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अब ड्राइविंग टेस्ट की राह मुश्किल होगी। एआई बेस्ड ट्रैक पर परीक्षा होगी। सभी 32 ट्रैक में खामियों की सूची तैयार हो गई है। विभाग इन खामियों को दूर रहा। इसके लिए कंट्रोल रूम बनेगा।
driving test Passing will no longer be easy The exam will be conducted on an AI-based track in Punjab
पंजाब में ड्राइविंग टेस्ट पास करना अब आसान नहीं होगा क्योंकि परिवहन विभाग सभी 32 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर स्मार्ट तकनीक लागू करने जा रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के इच्छुक लोगों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ट्रैक पर टेस्ट पास करना होगा।

विभाग ने इन ट्रैक पर अभी पेश आ रही खामियों की सूची तैयार कर ली है जिन्हें दूर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पहले तो सभी जगहों पर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। साथ ही बेहतर नतीजों के लिए ट्रैक की रिपेयर भी की जाएगी।

ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तैयार करने के लिए विभाग कंपनी फाइनल कर रहा है जिस पर 25 फरवरी को फैसला होगा। विभाग के अनुसार 28 ट्रैक को रिपेयर की जरूरत है। सिर्फ मोहाली और मालेरकोटला के ट्रैक सही हैं जिन्हें हाल ही में बनाया गया है।

दो को छोड़कर सभी ट्रैक में कंट्रोल रूम के लिए भी जगह है। फगवाड़ा और कपूरथला में कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए लेआउट प्लान में कुछ बदलाव करने की आवश्यकता है।

हाल ही में विभाग ने बैठक करके यह आवश्यकता पूरी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। फतेहगढ़ साहिब, तरनतारन और मोहाली को छोड़कर सभी जिलों में बाउंड्री वॉल रिपेयर व नए सिरे से निर्माण करने की भी आवश्यकता है। इसी तरह जहां अन्य सुविधाएं जैसे वेटिंग रूम, शौचालय नहीं है वहां इनके निर्माण का भी काम होगा।

ये होंगे बड़े बदलाव
मोहाली में सिस्टम लागू करने के बाद पूरे पंजाब में ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर यह स्मार्ट सिस्टम लागू किया जा रहा है। यह सिस्टम वाहन चालकों से लेकर ट्रैक तक की निगरानी करेगा। जरा सी चूक हुई तो फिर वाहन चालक टेस्ट में फेल हो जाएगा। अभी फिलहाल माइक्रोसॉफ्ट की हारनेसिंग ऑटो मोबाइल्स फॉर सेफ्टी (एचएएमएस) टेक्नोलॉजी को मोहाली के ट्रैक पर लागू किया गया है।

इस तरह से होगा ड्राइविंग टेस्ट
जब आप ड्राइविंग टेस्ट के लिए जाएंगे तो आपकी कार की विंडशील्ड पर स्मार्टफोन लगा दिया जाएगा जिसमें आपको दिए गए नंबर को डाल दिया जाएगा। इससे आपकी सारी जानकारी स्मार्ट फोन पर आ जाएगी। अब स्मार्टफोन और टेस्टिंग ट्रैक पर मौजूद एज सर्वर पर चलने वाला एचएएमएस बाकी काम कर देगा और टेस्ट प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर देगा।

पायलट प्रोजेक्ट लागू करने के बाद पास प्रतिशत में आई कमी
विभाग के मोहाली में पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने के बाद पास प्रतिशत में भारी कमी आई है। सिस्टम के लागू होने के चार महीने के आंकड़ों के अनुसार यह पास प्रतिशत 90 से गिरकर 40 तक पहुंच गया है जबकि राष्ट्रीय पास प्रतिशत 65 है। हालांकि प्रदेश के अन्य जिलों में इस अवधि के दौरान पास प्रतिशत अधिक रहा। इससे साफ है कि नए सिस्टम से ड्राइविंग टेस्ट सिर्फ वे लोग ही पास कर पाएंगे जो ड्राइविंग में पूरी तरह से निपुण होंगे।
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Author: PRIYA NEWSINDIA

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