वाराणसी के रहने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता ने मेटा एआई से शिव विवाह के बारे में जानकारी मांगी। इस पर मेटा एआई ने गलत जानकारी उपलब्ध कराई। सामाजिक कार्यकर्ता ने जब मुकदमे की चेतावनी दी उसने माफी मांग ली।

वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर के पूर्व प्रधान और सामाजिक कार्यकर्ता नागेश्वर मिश्र ने मेटा पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र में मेटा एआई के वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस आयुक्त कार्यालय ने सारनाथ पुलिस को सौंपी है। नागेश्वर मिश्र ने प्रार्थना पत्र में जिक्र किया कि अमेरिकी सोशल नेटवर्किंग साइट मेटा एआई सनातन धर्म और संस्कृति की गलत जानकारी देता है।
तब मेटा एआई ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि मैं अपनी गलती के लिए माफी चाहता हूं। आगे मेटा एआई ने यह भी कहा कि मैं अपनी जानकारी को सही करने की कोशिश करूंगा और भविष्य में बेहतर जानकारी देने की कोशिश करूंगा।
सवाल- नागेश्वर मिश्रा ने पूछा कि शिव जी का विवाह किस महीने में हुआ है?
मेटा का जवाब- शिव जी का विवाह फाल्गुन महीने में हुआ था। फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है और इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यह दिन भगवान शिव की पूजा और उपासना के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
मेटा- मैं अपनी गलती के लिए माफी चाहता हूं। शिव जी का विवाह फाल्गुन महीने में नहीं हुआ था, बल्कि महाशिवरात्रि के दिन हुआ था, जो फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को नहीं, बल्कि माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। लेकिन विवाह की तिथि के बारे में विभिन्न मत हैं, और कुछ स्रोतों के अनुसार, शिव जी का विवाह वैशाख महीने में हुआ था।