मंदसौर के होटल में ठहरे एक युवक ने खुद को चेतन प्रकाश बताकर फर्जी आधार कार्ड प्रस्तुत किया। 600 रुपये के यूपीआई भुगतान की जांच से असली नाम अशरफ खान और असली पता राजस्थान के जैसलमेर का उजागर हुआ।

मंदसौर में एक होटल में ठहरे युवक द्वारा अपनी पहचान छिपाने का मामला उस समय उजागर हुआ, जब महज़ 600 रुपये के यूपीआई भुगतान ने उसकी पूरी कहानी सामने ला दी। खुद को ‘चेतन प्रकाश’ बताने वाला युवक दरअसल राजस्थान के जैसलमेर का रहने वाला अशरफ खान था, जिसने होटल में ठहरने के लिए कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। घटना मंदसौर के होटल राज की है। यहां एक युवक और युवती ने कमरा बुक कराया। युवक ने होटल के रजिस्टर में अपना नाम चेतन प्रकाश बताया और पहचान के तौर पर आधार कार्ड प्रस्तुत किया, जिसमें वही नाम दर्ज था। युवती उसके साथ ठहरी थी और दोनों सामान्य मेहमानों की तरह होटल में प्रवेश कर गए।
बताया जा रहा है कि युवती राजस्थान के नागौर जिले की रहने वाली है। दोनों जोधपुर के एक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत हैं। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे डर था कि मुस्लिम नाम होने के कारण हिंदू युवती के साथ होटल में ठहरने पर विवाद या परेशानी हो सकती है। इसी डर के चलते उसने हिंदू नाम वाला फर्जी आधार कार्ड बनवाकर होटल में ठहरने का रास्ता चुना। हालांकि, उसकी यह चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और तकनीक ने ही उसकी असलियत उजागर कर दी।
थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि आरोपी अशरफ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फर्जी आधार कार्ड कैसे और कहां से बनाए गए, क्या इनका इस्तेमाल पहले भी कहीं किया गया, और क्या इस पूरे मामले में किसी गिरोह की भूमिका तो नहीं है। फिलहाल पुलिस दोनों आधार कार्ड की जांच करवा रही है। साथ ही यूपीआई खाते, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।