विदेश यात्रा का सपना दिखाकर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक पूर्व नौसेना कर्मी को जापान ट्रिप का झांसा देकर ट्रैवेल एजेंट ने करीब 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। हैरानी की बात यह है कि यह ठगी एक-दो दिन में नहीं, बल्कि करीब दो साल के लंबे समय में की गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित पूर्व नौसेना कर्मी की पहचान कुछ समय पहले एक ट्रैवेल एजेंट से हुई थी। एजेंट ने जापान घूमने का आकर्षक पैकेज ऑफर किया और वीजा, फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग और अन्य सुविधाओं का भरोसा दिलाया। शुरुआत में एजेंट ने विश्वास जीतने के लिए कुछ दस्तावेज और फर्जी बुकिंग डिटेल्स भी दिखाई। इसके बाद अलग-अलग बहानों से किश्तों में पैसे मांगता रहा।
पीड़ित का आरोप है कि कभी वीजा प्रोसेस, कभी टिकट कन्फर्मेशन, तो कभी होटल और टूर गाइड के नाम पर उससे बार-बार रकम वसूली गई। दो साल के दौरान उसने एजेंट को कुल 17 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब भी पीड़ित ने यात्रा की तारीख पूछी, आरोपी कोई न कोई बहाना बनाकर उसे टालता रहा। आखिरकार जब शक गहराया और पैसे वापस मांगने की बात आई, तो एजेंट ने संपर्क तोड़ लिया।
ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी ट्रैवेल एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल रिकॉर्ड और चैट्स की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने किन-किन तरीकों से ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इसी तरह और लोगों को भी शिकार बनाया है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है कि विदेश यात्रा या बड़े टूर पैकेज बुक करते समय केवल अधिकृत और भरोसेमंद ट्रैवेल एजेंसियों पर ही भरोसा करें, ताकि ऐसी ठगी से बचा जा सके।