अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी Ford (फोर्ड) एक बार फिर भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह चेन्नई स्थित अपने पुराने प्लांट में फिर से मैन्युफैक्चरिंग (उत्पादन) शुरू करेगी।

अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी Ford (फोर्ड) एक बार फिर भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह चेन्नई स्थित अपने पुराने प्लांट में फिर से मैन्युफैक्चरिंग (उत्पादन) शुरू करेगी। इसके लिए फोर्ड 3,250 करोड़ रुपये का नया निवेश करने जा रही है। इस सिलसिले में कंपनी ने तमिलनाडु सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए हैं।
2029 से शुरू होगा उत्पादन
फोर्ड अब अपने चेन्नई प्लांट में नेक्स्ट-जेनरेशन पावरट्रेन (इंजन सिस्टम) तैयार करेगी। कंपनी ने बताया कि यह फैसिलिटी वैश्विक स्तर पर इंजनों के उत्पादन के लिए इस्तेमाल की जाएगी। फिलहाल इन नए इंजनों की टेक्नोलॉजी और एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन के बारे में कंपनी ने ज्यादा जानकारी नहीं दी है। लेकिन उत्पादन की शुरुआत साल 2029 से होने की उम्मीद है।
फोर्ड अब अपने चेन्नई प्लांट में नेक्स्ट-जेनरेशन पावरट्रेन (इंजन सिस्टम) तैयार करेगी। कंपनी ने बताया कि यह फैसिलिटी वैश्विक स्तर पर इंजनों के उत्पादन के लिए इस्तेमाल की जाएगी। फिलहाल इन नए इंजनों की टेक्नोलॉजी और एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन के बारे में कंपनी ने ज्यादा जानकारी नहीं दी है। लेकिन उत्पादन की शुरुआत साल 2029 से होने की उम्मीद है।
कंपनी के मुताबिक, चेन्नई प्लांट हर साल करीब 2.35 लाख इंजनों का उत्पादन कर सकेगा। इस प्रोजेक्ट से 600 से ज्यादा सीधी नौकरियां और सप्लाई चेन में कई अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होंगे।
2021 में बंद की थी गाड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग
ये कदम फोर्ड के भारत छोड़ने के लगभग चार साल बाद उठाया जा रहा है। सितंबर 2021 में, कंपनी ने अपने वैश्विक पुनर्गठन योजना के तहत भारत में लोकल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग बंद करने और केवल इंपोर्टेड कारें बेचने का फैसला किया था।

