भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नौकरी लगाने का झांसा देकर दो महिलाओं ने आधा दर्जन से ज्यादा लोगों से करीब 3.70 लाख रुपए ठग लिए। आरोपियों की पहचान रिहाना बी और रुबीना बी के रूप में हुई है। शिकायतों की जांच के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार गोविंदपुरा थाना क्षेत्र स्थित विकास नगर निवासी देवेंद्र कुमार रघुवंशी (37) पहले एम्स अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। कंपनी का ठेका खत्म होने के बाद उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ा। इसी दौरान एम्स में आउटसोर्सिंग पर काम कर रहीं रिहाना बी और रुबीना बी ने देवेंद्र और उसकी बहन को नौकरी लगवाने का झांसा दिया। सौदा एक लाख रुपए में तय हुआ, जिसमें से 50 हजार रुपए एडवांस ले लिए गए।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दोनों महिलाओं ने इसी तरह कई अन्य लोगों से भी लाखों रुपए वसूले, लेकिन किसी को नौकरी नहीं दिलाई। ठगी का यह सिलसिला जनवरी से चल रहा था। अब तक वे लगभग पौने चार लाख रुपए हड़प चुकी हैं। गुरुवार दोपहर करीब साढ़े चार बजे दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
पहले भी हो चुके हैं फर्जीवाड़े
यह कोई पहला मामला नहीं है जब भोपाल एम्स में नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से धोखाधड़ी हुई हो। इससे पहले भी कई युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर ठगी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। फिलहाल पुलिस का दावा है कि इस मामले में भी दोनों महिला आरोपियों को जल्द हिरासत में लिया जाएगा।