कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाने वाले कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर से मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ की। यह पूछताछ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत हुई। शिशिर ने ईडी दफ्तर में प्रवेश करने से पहले बताया कि उन्हें एफईएमए की धारा 37 के तहत तलब किया गया है। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास ठोस सबूत, जानकारी, दस्तावेज, रिकॉर्ड और वीडियो हैं, जिन्हें मैं एजेंसी को सौंपूंगा।’ बुधवार को बीजेपी कार्यकर्ता ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत करते हुए इस मामले पर विस्तार से जानकारी दी है. क्या कुछ कहा है भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश ने आप खुद सुनिए उन्हीं की जुबानी वहीं सूत्रों के मुताबिक, शिशिर से कई सवाल पूछे गए और उनका बयान दर्ज किया गया।
उनसे कुछ दस्तावेज और सबूत भी मांगे गए। एफईएमए के तहत ईडी विदेशी मुद्रा कानून से जुड़े उल्लंघनों की जांच करती है। बता दें कि शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि उनके पास ब्रिटिश सरकार के दस्तावेज और ईमेल हैं जो साबित करते हैं कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसा है तो राहुल गांधी भारत में चुनाव लड़ने के पात्र नहीं हैं।
ल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने बीती 5 मई को मूल याचिका को निस्तारित करते हुए याची को छूट दी थी कि वह अन्य विधिक वैकल्पिक उपाय अपना सकता है। कोर्ट ने यह आदेश केंद्र सरकार की ओर से आये इस जवाब के बाद दिया था कि याची द्वारा की गई शिकायत के निस्तारण के लिए कोई समय सीमा नहीं बतायी जा सकती है, क्योंकि, यूनाइटेड किंगडम से जानकारियाँ मांगी गई हैं और उनके द्वारा मांगी गई जानकारियां देने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
कर्नाटक के एस विग्नेश शिशिर का कहना है कि उन्होंने शुक्रवार को हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है, हालांकि रजिस्ट्री ने सुनवायी के लिए अभी याचिका को पास नहीं किया है। रजिस्ट्री से पास होने के बाद ही कोई भी याचिका हाईकोर्ट के समक्ष सुनवायी के लिए पेश की जाती है।



