हिंदू धर्म में हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। हालंकि धार्मिक मान्यताओं और स्वास्थ्य की दृष्टि से हर महिला यह व्रत नहीं रख सकती। आइए जानते हैं किन महिलाओं को यह व्रत रखने से बचना चाहिए।
Hartalika Teej Fast Rules In Hindi: हिंदू धर्म में हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं और पति की उन्नति और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। माना जाता है कि इस व्रत को रखने से दांपत्य जीवन सुखमय होता है और वैवाहिक जीवन में परेशानियां नहीं आती है। यह व्रत कठिनतम व्रतों में से एक होता है क्योंकि इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखती है। यानी भोर की सरगी से लेकर अगले दिन सुबह पारण तक अन्य और जल ग्रहण नहीं किया जाता है। हालांकि धार्मिक मान्यताओं और स्वास्थ्य की दृष्टि से हर महिला यह व्रत नहीं रख सकती। आइए जानते हैं किन महिलाओं को यह व्रत रखने से बचना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं
सबसे पहले गर्भवती महिलाओं के लिए यह व्रत रखना उचित नहीं माना गया है। इस व्रत में निर्जला उपवास करने की परंपरा है, लेकिन इससे गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में महिलाओं को केवल भगवान शिव और पार्वती की पूजा करनी चाहिए।
बीमार महिलाएं
इसी प्रकार बीमार महिलाओं या कमजोर स्वास्थ्य वाली महिलाओं को भी इस व्रत को नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक भूखा-प्यासा रहना स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में बेहतर रहेगा कि वे केवल फलाहार या सामान्य पूजा करें और मन से शिव को स्मरण करें।

बुजुर्ग महिलाएं
कुंवारी कन्याएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन महिलाओं का विवाह नहीं हुआ है, उन्हें यह व्रत कठोरता से रखने की आवश्यकता नहीं है। वे केवल सच्चे मन से पूजा और आराधना करके भी अच्छे वर की कामना कर सकती हैं।