Operation Black crystal in Gorakhpur: बताया गया कि ये पूरा ड्रग रैकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित होता है। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पिछले एक साल से इसी नेटवर्क का एक अहम किरदार छिपा है, जो गोरखपुर से नेपाल और लखनऊ से आगरा तक इस पूरे सिस्टम को संचालित करता है।

Operation Black crystal in Gorakhpur: निदेशालय राजस्व खुफिया (डीआरआई) की टीम ने रविवार की शाम मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर छापा मारा और सिंडिकेट के सात प्रमुख गुर्गों को अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार किया है। एक गिरफ्तारी स्थानीय डीआरआई की टीम ने गोरखपुर से भी की है।
मुंबई निवासी इस ड्रग तस्कर को गोरखपुर से नेपाल जाते समय पकड़ा गया है। हालांकि एजेंसी ने उसका नाम उजागर नहीं किया है। वह बस्ती में पिछले एक साल से छिपा था। यहीं से नेपाल तक अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को फैला रहा था।
एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में उससे कुछ अहम जानकारियां भी हाथ लगी हैं। बताया जा रहा है कि गोरखपुर और महराजगंज में फैलाए उसके नेटवर्क पर भी आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए डीआरआई की तरफ से प्रेस नोट जारी कर कार्रवाई के बारे में जानकारी साझा की गई है। इसके मुताबिक, 16 अगस्त को मध्य प्रदेश के भोपाल के जगदीशपुर (इस्लामनगर) में केंद्रीय टीम ने छापा मारा था। इस दौरान लगभग 92 करोड़ रुपये मूल्य का 61.20 किलोग्राम मेफेड्रोन (तरल रूप में) मौके से बरामद किया गया था।
इसके अलावा, मिथाइलीन डाइक्लोराइड, एसीटोन, मोनोमेथिलमाइन (एमएमए), हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एचसीएल) और 2-ब्रोमो सहित 541.53 किलोग्राम कच्चा माल और इससे ड्रग तैयार किए जाने वाला उपकरणों का एक पूरा सेट भी जब्त किया गया।
मौके से ही मेफेड्रोन बनाने वाले केमिस्ट समेत दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने इस पूरे सिस्टम का पर्दाफाश भी किया। बताया गया कि ये पूरा ड्रग रैकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित होता है। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पिछले एक साल से इसी नेटवर्क का एक अहम किरदार छिपा है, जो गोरखपुर से नेपाल और लखनऊ से आगरा तक इस पूरे सिस्टम को संचालित करता है।
मुंबई से कच्चे माल को अपने स्तर से बस्ती ले जाकर वहां तैयार करता है और वहां से इसकी आपूर्ति करता है। केंद्रीय एजेंसी की टीम ने इस बात की जानकारी गोरखपुर-लखनऊ डीआरआई की टीम से की। टीम ने दो दिनों के भीतर रेकी की। इसी बीच जानकारी मिली कि आरोपी गोरखपुर होकर नेपाल जाने की फिराक में है।
डीआरआई की स्थानीय और लखनऊ की टीम ने गोरखपुर से महराजगंज जाने वाले रास्ते पर आरोपी की गिरफ्तारी कर ली।
पूछताछ में आरोपी ने ड्रग के इस रैकेट में अपनी संलिप्तता मानी। डीआरआई के आधिकारिक सूत्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश से मामले में एक गिरफ्तारी हुई है। इसके अलावा छह अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया है।