लाहाैल-स्पीति की मयाड़ घाटी में करपट, चंगुट, उरगोस और तिंगरेट गांवों के नालों में गर्मी से ग्लेशियर पिघलने से अचानक बाढ़ आ गई।

हिमाचल प्रदेश में बरसात का कहर लगातार जारी है। जगह-जगह भूस्खलन से सैकड़ों सड़कें ठप हैं। लाहाैल-स्पीति की मयाड़ घाटी में करपट, चंगुट, उरगोस और तिंगरेट गांवों के नालों में गर्मी से ग्लेशियर पिघलने से अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ के तेज बहाव से खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ की चपेट में आने से उड़गोस सहित एक अन्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह है कि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। बाढ़ का पानी गांव के कई हिस्सों में घुसने के बाद ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर ऊंचाई वाले इलाकों में शरण ली है। नायब तहसीलदार उदयपुर रामदयाल ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा।
टाॅलैंड के पास गिरे पेड़
वहीं शिमला के टाॅलैंड के पास सुबह वन विभाग मुख्यालय के गेट पर देवदार के तीन पेड़ गिर गए। इससे यातायात ठप रहा। पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल हुआ। राज्य में बुधवार सुबह 10:00 बजे तक दो नेशनल हाईवे सहित 328 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 37 बिजली ट्रांसफार्मर व 181 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। आपदा प्रभावित मंडी जिले में 180 सड़कें व 71 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। वहीं अर्की-मांझू सड़क भूस्खलन के चलते बंद हो गई। सड़क बंद होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
राज्य के कई भागों में भारी बारिश का अलर्ट
बीती रात को कसौली में 23.0, नयना देवी 18.2, सराहन 15.0, बग्गी 14.6, करसोग 13.2, जोत 10.0 व धर्मपुर में 7.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 19 अगस्त तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 13 से 15 और 18 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, 16, 17 और 19 अगस्त को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
13 व 14 अगस्त को कांगड़ा व मंडी जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। शिमला व सिरमाैर में 13 व चंबा में 14 अगस्त को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 15 से 19 अगस्त तक कुछ स्थानों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून में अब तक 240 लोगों की गई जान
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 12 अगस्त तक 240 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 324 लोग घायल हुए हैं। 36 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 115 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 2,435 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,993 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,615 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 2,01,182.92 लाख रुपये पहुंच गया है।
निर्माणाधीन बस स्टैंड के समीप भूस्खलन,सड़क का 50 मीटर हिस्सा दरका
पक्का भरो बाइपास में निर्माणाधीन बस स्टैंड के समीप भूस्खलन हुआ है। यहां पर बस स्टैंड निर्माण के लिए वर्षों पहले डंप किए गए मलबे के पहाड़ को काटा गया है। ऐसे में अब भूस्खलन होने से सड़क का 50 मीटर हिस्सा दरक गया है। वाहनों की आवाजाही के दौरान भी यहां पर खतरा बना हुआ है। जलशक्ति विभाग की सीवरेज लाइन भी इस भूस्खलन की चपेट में आई है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि बारिश के साथ सीवरेज चैंबर में डाले गए घरों के बारिश के पानी से नुकसान हुआ है। 98 करोड़ की लागत से पक्का भरो बाइपास में बहुमंजिला बस स्टैंड का निर्माण किया जा रहा है। इस बसस्टैंड के लिए हमीर होटल से पक्का भरो सड़क की ओर कटिंग की गई है। कटिंग किए जाने के चलते बरसात में सड़क भी दरक गई है। बारिश बंद होने पर यहां पर बसस्टैंड निर्माण करने वाली कंपनी की ओर डंगा दिए जाने की योजना है। हालांकि कटिंग से पहले बचाव कदम न उठाए जाने से निर्माण कार्य पर सवाल उठ रहे हैं।
अस्थायी पुलिया पार करते खड्ड में बह गया व्यक्ति, माैत
सराज विकास खंड की रोड़ पंचायत के जरोल क्षेत्र के भनवास गांव में मंगलवार शाम अस्थायी पुलिया पार करते हुए एक व्यक्ति खड्ड में गिर गया। व्यक्ति के सिर पर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम 5:00 बजे 63 वर्षीय पूर्ण चंद बाजार से लौटते वक्त रोड़ खड्ड पर बनी अस्थायी लकड़ी की पुलिया से फिसलकर खड्ड में जा गिरा। तेज बहाव में लगभग 100 मीटर तक बहने के दौरान पत्थरों से टकराने से उनके सिर में गहरी चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर उन्हें खड्ड से निकाला, लेकिन सिविल अस्पताल जंजैहली पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 30 जून को भीषण बाढ़ में अपने छोटे भाई सुरेंद्र को मकान ढहने और मलबे में दबने से खोने वाला परिवार अब बड़े भाई पूर्ण चंद की दर्दनाक मौत से टूट गया है।

