पांडेसरा से लापता बच्ची को 4 घंटे में * पुलिस ने खोजकर परिवार को सौंपा

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पुलिस की टीमों ने 1500 सीसीटीवी कैमरे खंगाल कर बच्ची को खोज निकाला

शहर पांडेसरा क्षेत्र में 4 साल की बच्ची के लापता होने से हड़कंप मच गया। बच्ची अचानक पिता से बिछड़ गई। जिसके कारण परिवार ने पांडेसरा पुलिस थाने से संपर्क किया। जिसके चलते डीसीपी, एसीपी तथा पीआई के आदेश के बाद 15 टीमें गठित कर इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने 150 से

अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच कर लापता बच्ची को 4 घंटे में खोज परिवार से मिलाया।

कतारगाम इलाके में 6 साल की बच्ची के अपहरण-दुष्कर्म की घटना के बाद 36 घंटे के भीतर पांडेसरा क्षेत्र में 4 साल की बच्ची के लापता होने से हड़कंप मच गया। बच्ची अचानक पिता से बिछड़ गई, जिसके कारण परिवार ने पांडेसरा पुलिस थाने से संपर्क किया। सूचना मिलते ही

डीसीपी विजयसिंह गुर्जर और पीआई एचएम गढ़वी के निर्देश पर 15 टीमें गठित कर इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की। शनिवार सुबह करीब 10-30 बजे बच्ची लापता हुई थी। आखिरकार, सूचना मिली कि बच्ची उमिया नगर इलाके में सोई मिली है। एसओजी और पांडेसरा -पुलिस की संयुक्त टीम ने बच्ची को सुरक्षित ढूंढकर उसे खिलौने दिए ताकि वह डरे नहीं। पांडेसरा पुलिस ने 4 घंटे से भी कम समय में बच्ची को सुरक्षित खोजकर परिवार से मिलाया गया।
प्रेस रिपोर्टर आशीष शुक्ला प्लानेट न्यूज़ सूरत गुजरात इंडिया

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।