पंजाब के तस्कर स्मार्ट मीटर के सिम का दुरुपयोग कर सीमा पार तक लोकेशन पहुंचा रहे हैं। इसके बाद पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन उसी स्थान पर नशीले पदार्थ और हथियार गिरा रहे हैं।

सीमा पार तस्करी के तरीकों में बड़ा बदलाव सामने आया है। अब बिजली के स्मार्ट मीटरों में लगे सिम का इस्तेमाल पाकिस्तान तक सटीक लोकेशन भेजने के लिए किया जा रहा है। खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के बाद तस्करी नए मॉड्यूल पर एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार स्थानीय तस्कर स्मार्ट मीटर के सिम का दुरुपयोग कर सीमा पार बैठे नेटवर्क तक लोकेशन पहुंचा रहे हैं। इसके बाद पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन उसी स्थान पर नशीले पदार्थ और हथियार गिरा रहे हैं। इससे तस्करों को फेंसिंग से काफी भीतर तक खेप पहुंचाने में आसानी हो रही है।
मीटर से सिम निकाल डालते हैं मोबाइल फोन में
दरअसल पंजाब में पुराने बिजली मीटरों की जगह प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। कई जिलों में ये मीटर लग चुके हैं लेकिन इन्हें अभी पूरी तरह प्री-पेड या पोस्ट-पेड सिस्टम से नहीं जोड़ा गया है। इन मीटरों में चिपनुमा सिम और जीएसएम मॉड्यूल लगा होता है जो सामान्यतः बिजली खपत की जानकारी कंट्रोल रूम तक भेजता है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार तस्करों ने इसी सिम का दुरुपयोग शुरू कर दिया है। तकनीकी रूप से इस सिम को निकालकर मोबाइल में इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे लोकेशन साझा करना संभव हो जाता है।
सीमावर्ती इलाकों में हाल के दिनों में पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। अधिकारियों के मुताबिक सटीक लोकेशन मिलने के कारण ड्रोन अब फेंसिंग के काफी भीतर तक पहुंच रहे हैं और खेप गिरा रहे हैं। इससे तस्करों को इलाके की भौगोलिक जानकारी भी मिल रही है जिसका दुरुपयोग हो सकता है।
तस्करी के तरीके लगातार बदल रहे
पाकिस्तानी तस्कर लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। पहले बैलगाड़ी के टायर, चाय की केतली, ट्रैक्टर-ट्रॉली के टूल बॉक्स, लस्सी की बोतल और फेंसिंग के बीच पाइप के जरिए तस्करी होती रही है। अब ड्रोन के जरिए तस्करी के मामलों में तेजी आई है। खेप मिलने के बाद स्थानीय तस्कर इसे अपने नेटवर्क के माध्यम से पंजाब और अन्य राज्यों तक पहुंचाते हैं।
मीटरों से साइबर खतरे की आशंका
पावरकॉम के एक अधिकारी ने माना कि स्मार्ट मीटर के सिम को निकालकर दुरुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे साइबर खतरे भी बढ़ सकते हैं। असामाजिक तत्व सिस्टम में सेंध लगाकर बड़े इलाके की बिजली आपूर्ति प्रभावित कर सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं और स्मार्ट मीटर सिस्टम की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई जा रही है।