प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे पिछले करीब चार वर्षों से आम आदमी क्लीनिकों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी नौकरी पक्की नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी इम्पैनलमेंट/कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर काम कर रहे हैं, जहां उन्हें न तो नौकरी की सुरक्षा है और न ही पर्याप्त सुविधाएं मिल रही हैं।

पूरे पंजाब में 1000 आम आदमी क्लीनिक के मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट एवं क्लीनिक असिस्टेंट कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है।
मोगा में 35 आम आदमी क्लीनिकों के करीब 105 कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। धरने पर बैठे मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट एवं क्लीनिक असिस्टेंट कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना देकर पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे पिछले करीब चार वर्षों से आम आदमी क्लीनिकों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी नौकरी पक्की नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी इम्पैनलमेंट/कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर काम कर रहे हैं, जहां उन्हें न तो नौकरी की सुरक्षा है और न ही पर्याप्त सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि वे एक महीना पहले भी हड़ताल पर बैठे थे। तब सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। उन्होंने सभी मांगों को पूरा करने के लिए 15 दिन का समय दिया था। आज एक महीना हो गया लेकिन कोई हल नहीं निकला। मजबूरन उन्हें फिर से धरने पर बैठना पड़ा।
कर्मचारियों का आरोप है कि छुट्टी लेने पर उनका वेतन काट लिया जाता है। उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह कोई लाभ नहीं दिया जाता। उनकी मांग की कि नौकरी की सुरक्षा दी जाए, नियमित किया जाए और रविवार और कोई भी सरकारी छुट्टियों के दौरान वेतन न काटा जाए।
उन्होंने बताया कि मोगा में 35 आम आदमी क्लीनिक है। रोजाना जिले में 2500 ओपीडी होती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।