बेअंत सिंह की गांव की सादीया के साथ बातचीत चल रही थी। अब सादीया और उसकी मां फुलां देवी बेअंत को ब्लैकमेल करने लगीं और उससे पैसों की मांग करती थीं।

मोगा के गांव डाला में कथित ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान होकर 20 वर्षीय बेअंत सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पिता अमनप्रीत सिंह के बयानों पर पुलिस ने एक युवती और उसकी मां के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने तथा ब्लैकमेलिंग से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डेढ़ साल से चल रही थी बातचीत
पुलिस को दिए बयान में अमनप्रीत सिंह ने बताया कि उनका बेटा बेअंत सिंह 12वीं पास करने के बाद उनके साथ खेती-बाड़ी का काम करता था। करीब डेढ़ साल से उसकी गांव की ही युवती सादीया के साथ बातचीत चल रही थी। आरोप है कि बाद में सादीया और उसकी मां फुलां देवी उर्फ शमशूं कथित तौर पर बेअंत को ब्लैकमेल करने लगीं और उससे पैसों की मांग करती थीं।
आरोप है कि पैसे देने से इनकार करने पर दोनों उसे झूठे केस में फंसाने और बदनाम करने की धमकियां देती थीं। बेटे द्वारा पूरी बात बताने के बाद अमनप्रीत सिंह ने गांव के गणमान्य लोगों जसवीर सिंह, सुखदेव सिंह और जोगिंदर सिंह को साथ लेकर युवती के परिजनों से बात भी की और बेअंत को परेशान न करने के लिए कहा।
पिता के अनुसार, 24 अगस्त की शाम को वह दोबारा उक्त लोगों को साथ लेकर युवती के घर गए थे। आरोप है कि इसके बावजूद युवती और उसकी मां ने बेअंत को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दीं। लगातार मिल रही कथित धमकियों के कारण बेअंत मानसिक रूप से परेशान था।
25 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे बेअंत ने अपने कमरे में पंखे से फंदा लगा लिया। कमरे से आवाज आने पर परिवार के सदस्य अंदर पहुंचे तो वह पंखे से लटका मिला। परिजनों ने उसे नीचे उतारा और गांववासियों की मदद से मोगा के सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम सिविल अस्पताल मोगा पहुंची। वहां मृतक के पिता अमनप्रीत सिंह ने सुखदेव सिंह और जोगिंदर सिंह की मौजूदगी में पुलिस को बयान दर्ज करवाए। पुलिस ने सादीया और उसकी मां फुलां देवी के खिलाफ मामला दर्ज करके दिनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया पुलिस द्वारा मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।