बुलंदशहर का युवक अपने दोस्त के साथ प्रेमिका को मेहंदीपुर बालाजी दर्शन कराने के बहाने से लेकर गया और हत्या कर दी। हत्या के बाद चेहरे को पत्थर से कुचल दिया। पुलिस ने आरोपी प्रेमी और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।

बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र के गांव निवासी प्रेमिका (22) को दर्शन के बहाने बालाजी मेहंदीपुर ले जाकर मार दिया। उसकी हत्या के आरोप में अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के गांव जीराजपुर निवासी उसके शादीशुदा प्रेमी गजेन्द्र उर्फ सोनू मीणा और थाना पहासू के अजीजाबाद निवासी उसके दोस्त विवेक को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रेमिका की पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने उसके चेहरे को पत्थरों से कुचलकर शव झाड़ियों में छुपा दिया था।
पुलिस के अनुसार 17 अगस्त की दोपहर राजस्थान के जनपद दौसा में मेहंदीपुर बालाजी में पुलिस को मोरा मंदिर के रास्ते पर झाड़ियों में एक युवती का शव मिला था। चेहरा पत्थरों से कुचले जाने के कारण पहचान नहीं हो पाने पर हत्या के खुलासे के लिए आईजी के निर्देश पर टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान युवती पीले रंग के सूट में सीसीटीवी फुटेज में दो लड़कों के साथ जाते हुए देखी गई थी। पुलिस ने तीनों के फोटो राजस्थान के अलावा आसपास के प्रदेशों में भेजकर पहचान कराने का प्रयास किया। फोटो सार्वजनिक स्थानों पर भी चस्पा किए।
राजस्थान पुलिस ने बुलंदशहर पुलिस की मदद से युवती की पहचान डिबाई क्षेत्र के गांव निवासी के रूप में की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान भी बुलंदशहर जिले के ही निवासी के रूप में हुई। पहचान के बाद राजस्थान के मेहंदीपुर की पुलिस ने दोनों आरोपियों प्रेमी सोनू मीणा और उसके दोस्त विवेक को बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया।
कहा-शादी के लिए दबाव बनाने पर की हत्या
मेहंदीपुर पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रेमी गजेन्द्र उर्फ सोनू मीणा ने पूछताछ में बताया कि वह युवती के साथ लंबे समय से संबंध में था। डेढ़ महीने पहले उसकी शादी दूसरी युवती से हो गई थी। इसके बाद प्रेमिका उस पर शादी करने का दबाव बनाने लगी। दबाव से परेशान होकर उससे पीछा छुड़ाने की साजिश रची।
मेहंदीपुर पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रेमी गजेन्द्र उर्फ सोनू मीणा ने पूछताछ में बताया कि वह युवती के साथ लंबे समय से संबंध में था। डेढ़ महीने पहले उसकी शादी दूसरी युवती से हो गई थी। इसके बाद प्रेमिका उस पर शादी करने का दबाव बनाने लगी। दबाव से परेशान होकर उससे पीछा छुड़ाने की साजिश रची।
अपने दोस्त विवेक के साथ मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन कराने के बहाने वह प्रेमिका को बाइक से मेहंदीपुर बालाजी लेकर पहुंचा। वहां मोरा मंदिर लेकर जाते समय सुनसान जगह देखकर प्रेमिका का गला घोंट दिया। बेहोश होने पर दोनों दोस्तों ने उसका चेहरा पत्थर से कुचल दिया, जिससे उसकी पहचान ना हो सके और शव को झाड़ियों में छिपा दिया।
साइबर सेल और सीसीटीवी से मिली मदद
मेहंदीपुर पुलिस के अनुसार ब्लाइंड मर्डर के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज के व्यापक विश्लेषण और साइबर तकनीकी जांच की अहम भूमिका रही। अलग-अलग जिलों में जाकर मृतका की पहचान के प्रयास किए। दूसरी ओर घटनास्थल से जुड़े संभावित रास्तों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। तब पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
मेहंदीपुर पुलिस के अनुसार ब्लाइंड मर्डर के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज के व्यापक विश्लेषण और साइबर तकनीकी जांच की अहम भूमिका रही। अलग-अलग जिलों में जाकर मृतका की पहचान के प्रयास किए। दूसरी ओर घटनास्थल से जुड़े संभावित रास्तों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। तब पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
प्रेमिका की दो बार हो चुकी थी शादी
मृतका दूसरे समुदाय की थी। उस गांव में जानकारी करने पर पुलिस को पता चला कि उसका पहला निकाह उसके ही समुदाय के युवक से जनपद अलीगढ़ में हुआ था। कुछ समय बाद ही तलाक हो गया। जिसके बाद डिबाई कोतवाली क्षेत्र के गांव इंदौरखेड़ा में उसकी शादी हिंदू युवक से हुई। यह शादी भी ज्यादा नहीं चली और पति से अलगाव हो गया। इसके बाद अब वह करीब छह माह से गजेंद्र के साथ संबंधों में थी।
मृतका दूसरे समुदाय की थी। उस गांव में जानकारी करने पर पुलिस को पता चला कि उसका पहला निकाह उसके ही समुदाय के युवक से जनपद अलीगढ़ में हुआ था। कुछ समय बाद ही तलाक हो गया। जिसके बाद डिबाई कोतवाली क्षेत्र के गांव इंदौरखेड़ा में उसकी शादी हिंदू युवक से हुई। यह शादी भी ज्यादा नहीं चली और पति से अलगाव हो गया। इसके बाद अब वह करीब छह माह से गजेंद्र के साथ संबंधों में थी।
आरोपी गजेंद्र किसान, बहन है सिपाही
ग्रामीणों ने बताया कि गजेंद्र उर्फ सोनू मीणा दो भाई, दो बहन हैं। एक बहन यूपी पुलिस में सिपाही है। पिता का देहांत हो चुका है। गजेंद्र गांव में ही रहकर खेती करता था। खेती के अलावा वह प्राइवेट नौकरी भी करता था।
ग्रामीणों ने बताया कि गजेंद्र उर्फ सोनू मीणा दो भाई, दो बहन हैं। एक बहन यूपी पुलिस में सिपाही है। पिता का देहांत हो चुका है। गजेंद्र गांव में ही रहकर खेती करता था। खेती के अलावा वह प्राइवेट नौकरी भी करता था।