ध्रुव और वृद्धि योग में मनाया जाएगा श्रावण शिवरात्रि का विशेष पर्व : स्वामी पूर्णानंदपुरी जी महाराज 

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प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि में शिवरात्रि मनायी जाती है जिसे मासिक शिवरात्रि भी कहते हैं। पवित्र मास श्रावण में शिवरात्रि का विशेष महत्व है यह मासिक शिवरात्रि इस बार 15 जुलाई यानि कल रहेगी।इस दिन भगवान शिव के भक्तों द्वारा कावड़ यात्रा के पश्चात जल चढ़ाने की परंपरा है।
वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी श्री पूर्णानंदपुरी जी महाराज के अनुसार 15 जुलाई को प्रातःकाल से ही त्रियोदशी लग रही है जिसके उपरांत रात्रि 08:32 मिनट से 16 जुलाई रात्रि 10:08 मिनट तक चतुर्दशी रहेगी। साथ ही इस बार श्रावण शिवरात्रि पर वृद्धि और ध्रुव नामक दो महत्वपूर्ण योग बन रहे हैं। इन योगों में पूजा पाठ करने से पुण्य फल में वृद्धि होती है। शिवरात्रि के दिन सुबह से रात्रि 12:23 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र रहेगा। इस विशेष शिवरात्रि की पूजा विधि और व्रत की जानकारी देते हुए स्वामी पूर्णानंदपुरी जी महाराज ने बताया कि इस दिन प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में जगकर स्नान के बाद पीले या सफेद वस्त्र धारण करें, भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी, भगवान कार्तिकेय और भगवान शिव के वाहन नंदी की पार्थिव प्रतिमा स्थापित कर पंचामृत अभिषेक करवायें। बिल्बपत्र,भाँग,धतूरा, शमीपत्र भगवान शिव को अर्पित करें और पुष्पों से अर्चन कर रुद्राष्टक का पाठ करें और शिव परिवार की आरती करें।

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Author: Sunil Kumar

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संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।