गोहाना चैकी के रोशन फार्म हाउस में सीएसआर परियोजना के तहत वैज्ञानिकों ने किसान गोष्ठी, आयोजित की जिसमें किसानों को खेती के आधुनिक गुर सिखाए।
सोमवार को आयोजित किसान गोष्ठी में प्रवीण कुमार धनगर के नेतृत्व में एक विशाल किसान विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में दिल्ली और हाथरस से आए कृषि विभाग के आधा दर्जन से अधिक वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने शिरकत कर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। गोष्ठी में मुख्य रूप से आईसीएआर नई दिल्ली के एग्रोनॉमी विभाग के अध्यक्ष एवं हेड डॉ. संजय सिंह राठौर, प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. राजीव कुमार सिंह, सीनियर साइंटिस्ट डॉ. सुभाष बाबू और टेक्निकल ऑफिसर मुकेश कुमार यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में संजीव कुमार उर्फ भोला सूर्यवंशी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि यह सीएसआर परियोजना है, जिसे विभिन्न कॉर्पोरेट और संस्थागत सहयोग के माध्यम से देश के चार राज्यों में चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में इस परियोजना के अंतर्गत गोहाना जैसी जगहों पर किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के 16 जिलों, गुजरात और राजस्थान के नौ-नौ जिलों में भी यह परियोजना संचालित हो रही है। हाथरस जिला इस दिशा में काफी महत्वपूर्ण है, जहां किसानों को जागरूक करने के लिए लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान में रासायनिक खादों जैसे डीएपी और यूरिया का अत्यधिक का प्रयोग बंद करने एवं फसलों को सभी आवश्यक पोषक तत्व संतुलित रूप से प्रदान करने के लिए हमें रासायनिक खादों के साथ-साथ जैविक खादों और वर्मीकंपोस्ट (केंचुआ खाद) का उपयोग बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस परियोजना के तहत किसानों को गोबर से वर्मीकंपोस्ट खाद बनाने, खेती की आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीज चयन और किसानों को प्रशिक्षण देने का भी प्रावधान है। किसानों को बताया कि किसान गोष्ठी के सफल आयोजन के बाद अब एक बड़े स्तर पर किसान मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लगभग 1,000 से अधिक किसान भाइयों को आमंत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS



