शिविर लगाकर ग्रामीणों को दी जल जीवन मिशन की जानकारी

Picture of Sunil Kumar

Sunil Kumar

SHARE:

ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले 50 प्रतिशत से अधिक ऐसे परिवार है जिन्हें पानी की समस्याओं से जूझना पड़ता है। पानी प्राप्त करने के लिए उन्हें दूर क्षेत्रों में कई मीलों पैदल जाना पड़ता है जिससे उन्हें कई परेशानियों से गुजरना पड़ता है। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने नागरिकों तक घर-घर में पानी की सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। यही जल जीवन मिशन स्कीम को शुरू करने का मुख्य लक्ष्य यह है
शुक्रवार को यह बातें गांव सिंघर्र में राज्य पेयजल एवुं स्वच्छता एवं जल जीवन मिशन हर घर जल योजनांतर्गत लगाए गये शिविर के दौरान जल जांच विशेषज्ञ जटाशंकर मिश्र एवं काॅर्डिनेटर अरविंद सिंह एडवोकेट ने ग्रामीणों को संयुक्त रूप से बताईं। उन्होंने कहा कि इस स्कीम का उद्देश्य राज्यों के उन ग्रामीण इलाकों में पानी की सुविधा उपलब्ध कराना है। जहां बढ़ती जनसंख्या के साथ साथ पानी जैसी समस्या भी बढ़ती जा रही है। ऐसे कई ग्रामीण क्षेत्र है जहां पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। पानी की कमी से किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन सभी परेशानियों को देख कर सरकार ने जल जीवन मिशन स्कीम मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत जिन इलाकों में पानी नहीं है, वहां हर घर में पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा। इस मिशन को सरकार ने हर घर जल योजना का नाम भी दिया है। स्कीम का लाभ लेने के लिए उन लाभार्थियों को पात्र माना जाएगा जिनके घर में पानी का कनेक्शन नहीं है। इस दौरान पंचायत सहायक आंगनबाडी, आशा, ग्राम प्रधान श्रीमती रजनी तोमर, भाजपा नेता एवं प्रतिनिधि जिला सहकारी बैंक कुंवर कन्हैया सिंह तोमर, आदि ग्रामीण मौजूद थे।

Sunil Kumar
Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।